दीक्षाचार्य!
दीक्षाचार्य Initiation – preceptor, Initiator. दीक्षा देने वाले आचार्य । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दीक्षाचार्य Initiation – preceptor, Initiator. दीक्षा देने वाले आचार्य । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावन लोक – Bhavana Loka. Place of residence of deities. जहां असुरकुमार आदि भवनवासी देवों के भवन हैं अर्थात् खरभाग- पंकभाग “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर्गवासी देव – Svargavaasii Deva. Heavenly deities. कल्पवासी देव-वैमानिक देव अर्थात् 16 स्वर्ग, 9 गै्रवेयक, 9 अनुदिष, 5 अनुत्तर के निवासी देव।
दृष्टिवाद A type of scriptural knowledge (Shrutgyan). अंगप्रविष्ट श्रुतज्ञान का बारहवाँ भेद, जिसके ५ भेद हैं-परिकर्म, सूत्र, प्रथमानुयोग, पूर्वगत, चूलिका ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संधि – Sandhi. Alliance, union, Reconcillation, A treaty, Name of a planet, Joint of the body. संयोग, आपस का मेल, एक राजा का दुसरे राजा के साथ विशिष्ट शर्तों पर मैत्री भाव स्थापित करना, 88 ग्रहों में 33वां ग्रह (अपरनाम शांति), औदारिक शरीर में 300 संधि हैं “
एकोनविंशति A number, 19. 19- देशावधि की क्रमिक वृद्धि के 19 काण्डक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दृढ़राज्य Father’s name of Lord Sambhavnath. संभवनाथ तीर्थंकर के पिता का नाम (दृढ़राज)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यक्षसम्मोह– Yakshasammoh. A kind of peripatetic deities. पिशाच व्यंतरोका एक प्रकार”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वयंभू छंद – Svatannbgyy Chammda. Name of an apbransh poetics written by poet Svayambhu. कवि स्वंयभू ई0 734-840 कृत 8 अघ्यायो वाला अपभं्रश छंद शास्त्र।
दुस्वर नामकर्म Karmic nature causing bad voice. नामकर्म की एक प्रकृति जिसके उदय से स्वर खराब हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]