पेशी!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पेशी – Pashi. Muscles. औदारिक शरीर में पाई जाने वाली माँसपेशियाँ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पेशी – Pashi. Muscles. औदारिक शरीर में पाई जाने वाली माँसपेशियाँ “
आरम्भकथा Talks about worldly activities. विकथा के 25 भेदों में एक असि. मषि आदि कार्य संबंधी कथा करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपसंयत Controlled behaviour . गुरुकुल में मैं आपका हूँ ऐसा कहकर उच्चारण करना (समर्पण भाव से साधु के समान संयत होकर रहना)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशालप्रभ – Vishalaprabha. Name of the 10th Jaina – Lord of Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र के १० वें तीर्थकर का नाम “
फल Fruits, Results of Karmas. खाने योग्य फल, कर्म आदि के परिणाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भागहार – Bhagahara. Divisor (the number by which another is divided ). जिस संख्या का भाग दिया जाये वह संख्या भागहार, हार, भाजक इत्यादि कहलाती है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मैथुन संज्ञा– Maithun Sangya. Sex instinct. 4 संज्ञाओ में एक संज्ञा; मैथुनरूप क्रियाओ में होने वाली इच्छा”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्मोह – Nirmoha. Attachmentless, a characteristic of a saint. साधु का एक लक्षण; मोह से रहित होना “
आहारक लव्धि Extra – ordinary power of translocation (related to soul). एक ऋद्धि प्रमत्त गुणस्थानवर्ती मुनि को आहारक शरीर बनाने की शक्ति का प्रकट होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]