आलोक!
आलोक Light, Whole world, Vision. प्रकाश, लोकपर्यंत, आलोक का दर्शन भी है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आलोक Light, Whole world, Vision. प्रकाश, लोकपर्यंत, आलोक का दर्शन भी है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैयावृर्त्ति –Vaiyavrtti Pious service to the saints. साधूसुश्रूषा, सेवा, उपचार, गुरु के अनुकूल परवर्ती करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्थान संक्रमण:Particular transition to other place (reg. other sangrah Krishti).संक्रमण का एक भेद । दूसरी अन्य संग्रह कृष्टियों में या पर रूप परिणमन करना ।
त्रिज्ञानसिद्ध A type of salvated beings (possessing three basic knowledges). भूतप्रज्ञापननय की अपेक्षा से तीन ज्ञान से सिद्ध होने वाले जीव । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आतपन योग An austerity; to stand opposite to sun in summer season. एक तप ग्रीष्म ऋतु में पर्वत के शिखर पर सूर्य के सम्मुख खडे़ होकर योग धारण करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर – Shareera. Body, it is of five kinds-Audarik, Vaikriyik, Aharak, taijs & Karman. सप्तधातु से निर्मित देह, यह 5 प्रकार का होता है – औदारिक, वैक्रियिक, आहारक, तैजस और कार्माण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंगसावरण – स्त्रीयो का लिग सावरण कहा गया है। Limgasavarana-The female ascetics
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरावती – Sharaavatee. The ancient name of present Shravasti (the birth place of Lord sambhavnath) near district baharaich (U.P.). भगवान संभवनाथ की जन्मभूमि श्रावस्ती का अपरनाम, यह उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले में है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परलोक भय:A kind of insecurity (fear) related to the future birth. सप्त भयों में एक भय, परभव मेें न मालूम क्या होगा ऐसा भय होना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लांगलिका गति – विग्रहगति का एक भेद, दो मोडे वाली गति जो तीन सतय वाली होती है। Lamgalika gati-A kind of transmigratory motion