स्थूल -स्थूल!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थूल -स्थूल – Sthuula-Shuula. Solid materials (which can not be rejoined on breaking).स्कंध के 6 भेदो मे अंतिम भेद। जो स्कंध टूटने पर स्वंतः नही जुड़ सकते ऐसे काष्ठ, पत्थर आदि।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थूल -स्थूल – Sthuula-Shuula. Solid materials (which can not be rejoined on breaking).स्कंध के 6 भेदो मे अंतिम भेद। जो स्कंध टूटने पर स्वंतः नही जुड़ सकते ऐसे काष्ठ, पत्थर आदि।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुभुक्षा काल – Bubhuksa Kala. Period of hunger. भिक्षा योग्य एक काल; भूख की तीव्रता , मन्दता एंव स्वास्थ्य आदि का विचार करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति खंड – Sthiti Khamda. Destruction of Karmic binding with soul.ऊपर के कर्म निषेको को नीचे के निषेकरुप परिणमा कर स्थिति को धटाना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संज्ञी – Sangyee. Beings with consciousness. पंचेन्द्रिय सैनी अर्थात् मन सहित पंचेन्द्रिय जीव; जो शिक्षा उपदेश आदि ग्रहण करते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति – Sthiti. Situation, circumstances karmic state (reg. duration of karmas).ठहरना, कर्मों के अवस्थान काल का नाम स्थिति है।
चयधन Sum of common differences. सर्व स्थानों में जो-जो चय बढ़े उन सब चयों का जोड़ जो प्रमाण हो ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थान लाभ क्रिया – Sthana laabha Kriyaa. An auspicious procedural activity of initiation of one as a shravak.दीक्षान्वय की 48 क्रियाओ मे तीसरी क्रिया है। इसमे किसी पवित्र स्थान मे अष्टदल कमल अथवा समवषरण की रचना करके उपवासी को प्रतिमा के सम्मुख बैठाकर आचार्य उसके मस्तक का स्पर्श करता है और पंच नमस्कार मंत्र…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लाट – गुजरात के प्राचीन काल मे तीन भाग थे। उसमें से गुजरात का मध्य व दक्षिण भाग लाट कहलाता था। Lata-South and middle part of Gujrat state (of ancient time)
चतुर्दिक मुखदर्शन Four sided face-a supernatural bliss of Lord Arihant. अर्हंत भगवान का केवलज्ञान का एक अतिशय ; सबकी ओर मुख करके स्थित होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यक्तव उद्योतन – Samyaktva Udyotana. Right enlightenment. सम्यक्तवाराधना। शंकादि दोषो से रहित निर्दोष सम्यग्दर्षन की प्राप्ति होना।