बादर आलोचना!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर आलोचना- आलोचना के 10 अतिचारों में एक; व्रतों के स्थूल अतिचारों की आलोचना करके सूक्ष्म अतिचारों को छिापा लेना। Badara Alocana- Gross criticism with hiding small faults
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर आलोचना- आलोचना के 10 अतिचारों में एक; व्रतों के स्थूल अतिचारों की आलोचना करके सूक्ष्म अतिचारों को छिापा लेना। Badara Alocana- Gross criticism with hiding small faults
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विदिशा – Vidisha. Subdirections, quarter parts of the four direc- tions. चारों दिशाओं के अतिरिक्त प्रत्येक दो दिशाओं के मध्य स्थित दिशाएँ – ईशान, आग्रेय, नैऋत्य, वायव्य, ये ४ विदिशाएं कहलाती हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुश्रुत- जो मुनि बारह अंगो के पारगामी होते है। Bahusruta- Scripture-proficient, preceptor
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पूर्वापर विरोध – Purvapara Virodha. State of mutual contradiction. पूर्व और उत्तर समय अर्थात् परस्पर में विरोध होना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा मुक्ति Salvation after one or two births.एक दो आदि भवों के अनंतर मुक्ति होना ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभ्य – Vibhya. An infraction of paying reverence (reverence due to influence of Acharya etc.). वंदना का एक अतिचार, आचार्य आदि के भय से वंदना करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बकरा- कुंथुनाथ भगवान का चिन्ह, भरत चक्रवर्ती के 16 स्वप्नों में एक स्पप्न; शुष्क पत्ते खाने वाले बकरों का समूह (जिसका फल आगामी काल में दुराचारी मनुष्यों की उत्पत्ति था)। Bakara- Billy Goat, the significant symbol of lord kunthunath & a dream mark of Bharat Chakravati (an emperor)
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मोक्ष—मार्ग : == दर्शनज्ञानचारित्राणि, मोक्षमार्ग इति सेवितव्यानि। साधुभिरिदं भणितं, तैस्तु बन्धो वा मोक्षो वा।। —समणसुत्त : १९३ जिनेन्द्र देव ने कहा है कि (सम्यक्) दर्शन, ज्ञान, चारित्र मोक्ष का मार्ग है। साधुओं को इनका आचरण करना चाहिए। यदि वे स्वाश्रित होते हैं तो इनसे मोक्ष होता है और…
दण्डधार The 45th son of king Dhratrashtra. राजा धृतराष्ट्र और रानी गंधारी का 45 वां पुत्र। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]