देवद्विक!
देवद्विक Dyad of Karmic nature related to celestial destination. देवगति व आनुपूर्वी (देवगत्यानुपूर्वी)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवद्विक Dyad of Karmic nature related to celestial destination. देवगति व आनुपूर्वी (देवगत्यानुपूर्वी)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रानीक – Sahasraaneeka. One of the sons of Vidyadhar-Vinami. विनमि विद्याधर के अनेक पुत्रों में एक पुत्र ।
दृष्टिशक्ति Power of vision. दर्शन क्रियारूप शक्ति जिसमें ज्ञेयरूप आकार का विशेष नहीं हैं ऐसे दर्शनोपयोगमयी (सत्तामात्र पदार्थ से उपयुक्त होने स्वरूप ) है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रायोग्यानुपूर्वी- आनुपूर्वी; विग्रहगति में आत्म प्रदेषों का पूर्वषरीराकार बने रहना। Prayogyanupurvi- Existence of soul in transmigratory motion in the same shape as in the previous left body
दंड – दंडी संबध Relation of infliction & inflicting one. जो वस्तु के स्वरूप में मिला न हो । दंड के सम्बन्ध से पुरूष को दंडी कहना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रातिहार्य- आषेक वृक्ष, तीन छत्र, रत्नमय सिंहासन, दिव्यध्वनि, दुन्दुभिनाद, पुश्पवृश्टि, प्रभामण्डल, चैंसठ चमरयुक्तता ये अरिहंत भगवान के 8 प्रातिहार्य कहलाते हैं। Pratiharya- Eight auspicious emblems of lord Arhant
देयवस्तु Things to be donated like food, medicines, books etc. आहार, औषधि , शास्त्र , अभयदान देने वाली वस्तुएँ। इनके दान से दाता और पात्र दोनों के गुणों में वृद्धि होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]