सहज दुःख!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहज दुःख – Sahaja Dukha. Natural trouble or pain. स्वाभाविक क्षुदाधि से उत्पन्न होने वाला दुःख ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहज दुःख – Sahaja Dukha. Natural trouble or pain. स्वाभाविक क्षुदाधि से उत्पन्न होने वाला दुःख ।
देवचंद्र Name of the disciple of ‘Maghnandi Kolhapuriya’. ई. 1133-1163 में माघनन्दि कोल्हापुरीय के शिष्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जघन्य अनुभाग A division of Anubhag Bandhi; the lowest (minimum) power (energy of karmas) of matter (related to wrong faithed one). अनुभाग बंध के १४ भेदों में एक भेद ; सातवें नरक में प्रथामोपशम सम्यक्त्व के सम्मुक हुआ मिथ्यादृष्टि जीव मिथ्यात्व गुणस्थान के अंत समय में जघन्य नीच गोत्र का अनुभाग बंध करता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवगति नामकर्म प्रकृति Karmic nature causing birth in the form of deities. जिस कर्म के उदय से जीव देवगति में जन्म लेता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जम्भाई Yawn (to stop yawning is a physical mortification). उबासी,अयनादि कायक्लेश का एक भेद ; जम्भाई , छींक आदि को रोकना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वकथा A sacred legend which inspires to move on the path of deliverance. मोक्षमार्ग में प्रेरित करने वाली कथा, अपरनाम धर्मकथा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जगत्श्रेणी Length of universe, unit of 7 Rajus. ७ राजू प्रमाण लोकपंक्ति, एक प्रदेश चौड़े और ७ राजू लम्बे आकाश प्रदेशों की पंक्ति को जगत्श्रेणी कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दृश्यमान द्रव्य Visible objects. वर्तमान समय में दिखाई देने वाला द्रव्य किसी भी स्पर्धक या कृष्टि आदि में पर्व का द्रव्य या निषेक या वर्गणाएँ तथा नया मिलाया गया द्रव्य दोनों मिलकर दृश्यमान द्रव्य होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]