छेदोपस्थापक!
छेदोपस्थापक Jain saints observing 28 Moolguns (basic virtues). छेदोपस्थापना अर्थात् २८ भेदरूप मूलगुण उन भेदरूप मूलगुणों का पालन करने वाले मुनि छेदोपस्थापक कहे जाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
छेदोपस्थापक Jain saints observing 28 Moolguns (basic virtues). छेदोपस्थापना अर्थात् २८ भेदरूप मूलगुण उन भेदरूप मूलगुणों का पालन करने वाले मुनि छेदोपस्थापक कहे जाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वश्री – Sarvashree. Name of an Aryika who would get birth in heaven in the last period of Panchamkal (the 5th long period of time) पंचमकाल की अंतिम आर्यिका जो पंचम काल के साढे़ आठ माह शेष रहने पर कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन स्वाति नक्षत्र में देह त्यागकर स्वर्ग में…
देशावधि A part of clairvoyance (partial direct knowledge). अवधिज्ञान का प्रथम भेद ; यह अवधिज्ञानावरण के क्षयोपशम से होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
छाया Shadow, Image. प्रकाश के आवरणभूत शरीर आदि का प्रतिबिम्ब।[[श्रेणी:शब्दकोष]] [[श्रेणी:पुत्री]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वप्रिय – Sarvapriya. Dear to all, universally popular, Name of the 27th chief disciple of Lord Rishabhdev. ’सबको अच्छा लगने वाला , भगवान वृषभदेव के 27 वें गणधर ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीरसेना –Virasena. Mother’s name of the 7thJaina – Lord of Susima city of Videh (region). विदेहक्षेत्रस्थ सुसीमा नगरी के ७ वें तीर्थकर ऋषभानन की माता “
चोरकथा A theft-gossip, stories of deception or stealing. एक विकथा ; चोरों का चौरकर्म संबंधी कथन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वग्रहकता – Sarvagraahakataa. The quality of knowing all (of Kevalgyan) केवलज्ञान का सब कुछ जानने रुप गुण।
देशसत्य Different regional words having same meaning (i.e. same basic truth). सत्य के दश भेदों में से एक नियत समय के लिए जो वचन अलग-अलग प्रांत , नगर , ग्राम आदि में प्रचलित होता हो या विभिन्न भाषाओं में बोला जाता हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]