जटासिंहनन्दि!
जटासिंहनन्दि Name of an Acharya, the writer of ‘Varanga Charitra’ वरांग चारित्र के रचयिता एक आचार्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जटासिंहनन्दि Name of an Acharya, the writer of ‘Varanga Charitra’ वरांग चारित्र के रचयिता एक आचार्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याच्छुद्व – Syaacchuddha. Exposition of soul in the aspect of consiousness. केवलज्ञान अर्थात् स्वभाव प्राप्ति की अपेक्षा जीव का कथन।
चमत्कार Amazement, Astonishment, Splendour, Supernatural events. विस्मय , आश्र्चय, उत्कर्ष , लोकमूढ़ता; लौकिक चमत्कारों के प्रति आकर्षित होना सम्यग्दर्शन का एक दोष है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जन्म Birth, Incarnation of soul. जीव के नवीन शरीर की उत्पत्ति होना जन्म कहलाता है . गर्भ , सम्मूर्छन उत्पाद के भेद से जन्म ३ प्रकार का होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्मितयष – Smitayassa. The grand son of Bharat Chakravarti & the son of Arkkirti.इक्ष्वाकुवंषी भरत चक्रवर्तीं के पुत्र अर्ककीर्ति का पुत्र। अपने पुत्र को राज्य देकर दीक्षा ग्रहण कर मोक्ष प्राप्त किया।
चंद्रगुप्त A king of Maurya empire. चंद्रगुप्त मौर्य(ई.पू. ३२२-२९८); मौर्य साम्राज्य के संस्थापक, भद्रबाहु श्रुतकेवली के शिष्य, जैनत्व दीक्षा लेने वाले अंतिम सम्राट्।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जगती The world, the earth, Vedic metre. संसार , पृथ्वी , एक वैदिक छंद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोपसेन A disciple of Shantisen. शान्तिसेन के शिष्य और भावसेन के गुरु . समय-ई, ९४८ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ततक The first Patal (layer) of the 2nd hell. द्वितीय नरक का प्रथम पटल। [[श्रेणी:शब्दकोष]]