विमोचितावास!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमोचितावास – Vimochitavasa. A reflection of vow of non-stealing (staying of a saint in a deserted place). अचौर्यव्रत की एक भावना; दूसरे के द्वारा छोड़े हुए स्थानों में साधु का ठहरना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमोचितावास – Vimochitavasa. A reflection of vow of non-stealing (staying of a saint in a deserted place). अचौर्यव्रत की एक भावना; दूसरे के द्वारा छोड़े हुए स्थानों में साधु का ठहरना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धद्रव्यार्थपर्याय नैगमनय – Shuddha Dravyaarthaparyaaya Naigama Naya. A standpoint related to distinct & indistinct description of a pure matter (Jiva) & one of its Artha Paryay. शुद्धद्रव्य व उसकी किसी एक अर्थपर्याय को गौण-मुख्यरूपसे विषय करने वाला नय “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुनर्जन्म – Punarjanma. Reincarnation, rebirth. पुनः या दुबारा जन्म होना “
द्वितीय स्थिति Second life time. अंतरकरण या अंतर स्थितिके उपरिवर्ती सर्वस्थिति का नाम द्वितीय स्थिति है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्तिशिला–Muktishila. Place of salvation. सिद्ध शिला; ईषत् प्राग्भार अष्टमपृथ्वी केमध्य छत्र के आकार ढाई द्वीप प्रमाण गोल 45 लाख योजन व्यास की शिला” यहीं सिद्ध भगवान् विराजते है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गलमोक्ष – Pudgalamoksa. A salvation (separation of Karmas from soul). मोक्ष का एक भेद. द्रव्य मोक्ष; सम्पूर्ण कर्मों का आत्मा से अलग हो जाना “
द्वारावती Another name of Dvaraka city. श्री कृष्ण की महानगरी; इसकी रचना देवों ने की थी और द्वीपायन मुनि के क्रोध से यह भस्म हुई थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वायु – Vaayu.: Air,Wind,Breeze. हवा, पवन ” वायु भी सचित्त , अचित्त अनेक प्रकार की होती है ” प्राणायाम – ध्यान आदि में भी वायुमंडल , वायवी धारणाओं का प्रयोग किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुण्यायज्ञ क्रिया – Punyayajna Kriya. A meritorious act. दिक्षान्वय की ४८ क्रियाओं में से एक क्रिया- साधर्मी पुरुषों के साथ पुण्यवृध्दी के कारणभूत १४ पूर्व विधाओं का सुनना “