पांडुक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुक:A city situated in the north of vijayardha mountain, name of a deity of kundal mountain.विजयार्ध की उतर श्रेणी का एक नगर, कुण्डल पर्वत स्थित माहेन्द्र कूट का स्वामी नागेन्द्र देव।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुक:A city situated in the north of vijayardha mountain, name of a deity of kundal mountain.विजयार्ध की उतर श्रेणी का एक नगर, कुण्डल पर्वत स्थित माहेन्द्र कूट का स्वामी नागेन्द्र देव।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूलाचार प्रदीप–Mulachar Pradeep. Name of a book written by Acharya Sakalkirti. आचार्यसकलकीर्ति (ई. 1424) कृत मुनियों के चारित्र सम्भंदी एक ग्रंथ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकुब्जा – Prakubja. Name of the chief Aryika in the assembly of Lord Ajitanath. अजितनाथ भगवान के समवसरण की प्रधान आर्यिका अर्थात् गणिनी का नाम “
दर्पणतुल्य भूमि An excellence of Lord Arihant (Land to have like mirror).अरहंतो के केवलज्ञान का एक, अतिशय, दर्पण के समान भूमि का स्वच्छ होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == कुल : == पुरिसाण कुलीणाण वि न कुलं विणयस्स कारणं होइ। चंदाऽमय—लच्छि सहोयरं पि मारेइ किं न विसं।। —गाहारयणकोष : १०० कुलीन पुरुषों का कुल विनय (आचार) का कारण (प्रमाण) नहीं होता। विष चन्द्र, अमृत एवं लक्ष्मी का सहोदर होते हुए भी क्या प्राण नाश नहीं करता ?
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिषेणा – Namdisena Name of the female deity of Ruchak mountain. रुचक पर्वत की दिक्कुमारी देवी ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्पराश्रयत्व:Mutual dependence.एक दूसरे के आश्रित होकर रहना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदसप्तमी व्रत – Namdasaptami Vrata A particular vow is to be followed for seven years. सात वर्ष तक प्रतिवर्ष भादों सुदी 7 को उपवास करना ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर निर्वाण संवत –Vira Nirvana Samvat. Era beginning with the salvationof Lord Mahavira. वीर निर्वाण से प्रारम्भ होने वाला संवत ” जो वर्तमान में सबसे प्रचीन संवत के रूप में मान्य हैं ” वर्तमान ई सन २००३ – २००४ में वी. नि. सं. २५३० चल रहा हैं ” तिलोयपण्णत्ति (अधिकार ४, गाथा…
त्रिनेत्र A name of Lord Arihant among 1008 names. भगवान के 1008 नामों में एक नाम । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]