संसारानुप्रेक्षा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसारानुप्रेक्षा – Sansaaraanuprekshaa. Contemplation about the wordly troubles. 12 भावनाओं में एक भावना; संसार के स्वभाव एवं संसार परिभ्रमण का अर्थात् दुःखमय स्वरुप का चिंतन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसारानुप्रेक्षा – Sansaaraanuprekshaa. Contemplation about the wordly troubles. 12 भावनाओं में एक भावना; संसार के स्वभाव एवं संसार परिभ्रमण का अर्थात् दुःखमय स्वरुप का चिंतन करना “
उदयसेन Name of the disciple of ‘Acharya Gunsen-I’. गुणसेन प्रथम के शिष्य तथा नरेन्ट्रसेन के साधर्मी (ई.1098)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष स्वभाव – Vishesha Svabhava. A particular nature of matters (like conscious-ness & unconsciousness etc.). स्वभाव के दो भेदों में एक भेद; चेतन, अचेतन, मर्त, अमर्त आदि १० स्वभाव द्रव्यों के विशेष स्वभाव हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्थान संक्रमण:Particular transition to other place (reg. other sangrah Krishti).संक्रमण का एक भेद । दूसरी अन्य संग्रह कृष्टियों में या पर रूप परिणमन करना ।
द्विदल Grains (pulse etc.) having two opposite faces alike are called non-edible when mixed with raw milk & curd (prepared from raw milk) etc. दो दल वाले धान्य आदि को कच्चे दूध या कच्चे दूध से निर्मित दही -छाछ के साथ मिलाने पर वह अभक्ष्य द्विदल कहलाता है। वर्तमान में कुछ लोग गर्म प्रासुक दूध…
द्विचरम देही Deities having two human births (last two life-courses) before getting salvation). जो देव अंतिम दो बार मनुष्य के भव लेकर निश्चित रूप से मोक्ष जाते हैं। वे द्विचरम देही कहलाते हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिज्ञानसिद्ध A type of salvated beings (possessing three basic knowledges). भूतप्रज्ञापननय की अपेक्षा से तीन ज्ञान से सिद्ध होने वाले जीव । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर – Shareera. Body, it is of five kinds-Audarik, Vaikriyik, Aharak, taijs & Karman. सप्तधातु से निर्मित देह, यह 5 प्रकार का होता है – औदारिक, वैक्रियिक, आहारक, तैजस और कार्माण “
उत्तरपुराण Name of a treatise written by Acharya Gunbhadra. आचार्य गुणभद्र (ई.898) कृत संस्कृत में अजितनाथ भगवान से महावीर भगवान तक चरित्र ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरावती – Sharaavatee. The ancient name of present Shravasti (the birth place of Lord sambhavnath) near district baharaich (U.P.). भगवान संभवनाथ की जन्मभूमि श्रावस्ती का अपरनाम, यह उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले में है “