संज्वलन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संज्वलन – Sanjvalana. A passion, which disturbs perfect conduct. एक कषाय; जो यथाख्यात चारित्र का घात करती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संज्वलन – Sanjvalana. A passion, which disturbs perfect conduct. एक कषाय; जो यथाख्यात चारित्र का घात करती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति कांडक धात – Sthiti Kamdaka Ghaata. A type of destruction of karmic states.विवक्षित स्थिति समूह का धात करना स्थिति काण्डकधात है। यह एक अन्तर्मुहूर्त मे निष्पन्न होता है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृदंगमध्य व्रत–Mradngmadhya Vrat. A particular type of fasting. एक व्रत जिसमे क्रमशः 2,3,4,5,4,3,2 उपवास एवं बीच के खली दिनों में पारणा कीजाती है” इसमें23 उपवास 7 पारणाएँ की जाती है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थानांतर गमन – Sthaanaamtara Gamana. The activity of going from one place to another (by saints on getting obstacle at one food taking place).एक स्थान से उठकर अन्यत्र चले जाने योग्य अवसर, भोजन के स्थान पर यदि कीड़ा आदि तुच्छ जन्तु चलते फिरते नजर आ जाये या ऐसा ही कोई दूसरा निमित उपस्थित हो…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवीपाल – Prthivipala. Name of the writer of ‘Shrut Panchami Rasa’, Name of a Pandit. पानीपत का निवासी था, वि. १६९२ में श्रुत पंचमी रास की रचना की, एक पंडित; व्रत कथाकोष छंद के कर्ता “
चतुर्भुज Quadrilateral, four-armed figure. चार भुजाओं वाला ;समान्तर भुजाओं से बना हुआ चित्र ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यक्तव – Samyaktva. Right faith or right belief. प्रमाण के द्वारा जाने हुए तत्वो का श्रद्वान। देखे- सम्यग्दर्शन।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवाननुगामी – Bhavananugami. A type of clairvoyance (not remains with one in next birth). अननुगामी अवधिज्ञान का एक भेद; जो भवान्तर के साथ नहीं जाता , क्षेत्रान्तर में ही साथ जाता है “
चिदानंद Supernatural enjoyment, bliss. एटीएम अनुभव या आत्मा का आनंद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]