भ!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भ – Bha. The 24th consonant of the Devanagari syllabary. देवनगरी वर्णमाला का चौबीसवां व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान ओष्ठ के साथ जिह्म के स्पर्श से होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भ – Bha. The 24th consonant of the Devanagari syllabary. देवनगरी वर्णमाला का चौबीसवां व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान ओष्ठ के साथ जिह्म के स्पर्श से होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमदा- प्रमाद की बहुलवा से स्त्रियों को प्रमदा कहते हैं, समवषरण की नाट्यषाला। Pramada- Lustful women, Name of a stage of drama in Samavasharan- assembly of Lord
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्याधर लोक – Vidyadhara Loka. World of Vidyadhars (on vijayardh mountain where 4th period of universal time cycle exists all the time). विजयार्य की उत्तर- दक्षिण दीशा की श्रेणी पर विद्याधर नगरियां बनी हुई हैं जिसे विद्याधर लोक कहते हैं ” यहाँ सदैव चौथा काल ही रहता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभावना- सम्यग्दर्षन ज्ञान चारित्र रुप रत्नत्रय के प्रभाव से आत्मा को प्रकाषमान करना। ज्ञान,ध्यान, तप, दया, दान, जिन पूजा आदि के द्वारा जिनधर्म की महिमा को प्रकाषित करना। Prabhavana – Glorification, Promotion (influencing pertaining to religion)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावाभाव शक्ति – Bhavabhaava Sakti. One of the powers acquired by soul. जीव की एक शक्ति; सत् देवादि पर्याय का नाश करता है, इसलिए उसे भावभाव का (सत् के विनाश का) कर्तृत्व कहा गया है ” वर्तमान में होने वाली पर्याय के व्यय होने रूप शक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रनाम विधान – Sahasranaama Vidhanaa. A composition of worshipping hymn composed by Ganini Aryika Shri Gyanmati Mataji. श्री जिनसेनाचार्य द्वारा रचित सहस्रनाम स्तोत्र के आधर पर गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा सन 1954 में रचे गये 1008 मंत्रों के अर्थ को छन्दों में निबद्ध करके रचित 1008 अध्र्यो वाला विधान ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव पाहुड – Bhava Pahuda. A book written by Acharya Kund- Kund. आचार्य कुन्दकुन्द (ई. १२७-१७९) कृत एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहभोजन – Sahabhojana. Taking food togetherly. एक साथ भोजन करना ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परक्रम: Observing austerity sequentially as expounded in the scriptures. आगम में प्रतिपादित क्रम से तप करना, जैसे पहले मूलगुणों का पालन कर उत्तरगुणों को पालना ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथु – Prthu. The 15th son of Krishna’ brother (Baldev), Name of kings of Kura & Yadu dynasties, Broad, spa- cious. क्रष्ण के भाई बलदेव का १५ वाँ पुत्र ” कुरुवंशी एवं यदु (यादव) वंशी राजाओं का नाम, चौडा, विस्तृत “