भावकाय!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावकाय – Bhava Kaya. Renouncement of bodily attachment. गुप्ती; कायगत ममता रूप परिणाम का त्याग करना भावकाय गुप्ती है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावकाय – Bhava Kaya. Renouncement of bodily attachment. गुप्ती; कायगत ममता रूप परिणाम का त्याग करना भावकाय गुप्ती है “
अयोग A time unit. आत्मा के प्रदेशों का सकंप न होना-कर्म-नोकर्म आकर्षण के लिए जीव कीय ओग्य शक्ति का न चलना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवसेतु – Bhavasetu. Spiritual bridge to cross the worldly transmigra-tion. संसार को पार करने के लिए जो पुल के समान हैं , ऐसे जिनेन्द्र भगवान या उनकी भक्ति “
दिगंतर गति Unnatural movement of soul. जीव की विभाव गति अर्थात् कर्म वश नीचे, तिरछे, और ऊपर गति करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पूर्वाभाद्रपद – Purvabhadrapada. Name of a lunar. एक नक्षत्र का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावि भूत उपचार – Bhavi Bhuta Upachar. Wrong implication of something in past time which is going to occure in future. भविष्य में होने वाले कार्य का भूत में आरोप करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर- स्थूल, स्कन्ध, एक प्रकार का नाम कर्म। Badara- Gross, A type of Karma
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीमसेन – Bhimasena. Name of an Acharya, one of the 5 Pandvas. आचार्य अभयसेन के शिष्य जिनसेन के गुरु एक आचार्य, ५ पांडवों में एक पांडव ” इन्हें भीम कहते हैं, इनके शरीर में बहुत बल था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रश्नोत्तर श्रावकाचार- आचार्य सकलकीर्ति (र्इ. 1406- 1442) द्वारा रचित एक ग्रंथ। Prasnottara Sravakcakara- A book written by acharya Sakalkirti