भ्रामरीवृत्ति!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भ्रामरीवृत्ति:See – Bhramarahara. देखें – भ्रमराहार “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भ्रामरीवृत्ति:See – Bhramarahara. देखें – भ्रमराहार “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मीनकेतु–Meenketu. Another name for Kamdev those having most lustrous & attractive body. कामदेव”
गुणपरावर्तन Transmission from one Gunsthan (spiritual stage) to another. एक विवक्षित गुणस्थान से अविवाक्षित गुणस्थान रूप परावर्तन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोजकवृष्णि:Name of a king. मथुरा के स्वामी सुवीर के पुत्र तथा उग्रसेन के पिता “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मानस्तम्भ–Maanstambh. Free standing pillar or sacred monument pillar crowned with idols of Lord Jinendra. तीर्थंकरो के समवशरण में प्रवेश करने से पहले चारो दिशाओ में तीर्थंकर के शरीर की उचाई से 12 गुणे ऊचे जिनप्रतिमाओ से समन्वित स्वर्णिम स्तंभ के आकार की रचना” दूर से ही इनके दर्शन मात्र से मिथ्याद्रष्टि जीव अभिमान…
गर्भाधान क्रिया Conception procedure, an auspicious act of householders. गर्भान्वय की ५५३ क्रियायों में पहली क्रिया. विशेष देखें-आदिपुराण ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोग निदान:Longing for all luxurious worldly pleasures. परलोक में भोग विलास की उत्तम सामग्री मिले ऐसी आकांक्षा करना “
द्विज Those twice-born (first by womb and another by sacraments). एक बार गर्भ से तत्पश्चात संस्कारों से (जिसमे तपश्चरण और शास्त्राभास संस्कारित किया जाता है) जन्म लेने वाले द्विज कहलाते हैं। वर्तमान में विशेष रूप से ब्राह्मण जाति के लिए प्रचलित शब्द। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गर्हा Confessing own faults before the spiritual teacher. गर्हण, गुरु के समक्ष अपने दोष प्रगट करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्वादशवर्षी दुर्भिक्ष Twelve years dearth or famine which caused the origination of the Shvetambar Jain sect. वीर निमार्ण के 133 वर्ष पश्चात् अर्थात् आज से लगभग 2400 वर्ष पूर्व पंचम श्रुतकेवली ‘भद्रबाहु’ के काल में उज्जैन आदि उत्तरभारत के क्षेत्रों में 12 वर्षीय दुर्भिक्ष (अकाल) पड़ा, जिसकी आचार्य भद्रबाहु द्वारा भविष्यवाणी सुनकर सभी दिगम्बर मुनि…