भगदत्त!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भगदत्त – Bhagadatta. Name of a chief disciple of Lord Rishabhadev. भगवान ऋषभदेव के एक गणधर का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भगदत्त – Bhagadatta. Name of a chief disciple of Lord Rishabhadev. भगवान ऋषभदेव के एक गणधर का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रघुम्नचरित्र- आचार्य सोमकीर्ति (ई. 1474) एवं आचार्य सोमाकृति (ई. 1516-1556) द्वारा रचित ग्रंथ। pradyumnacaritra – name of the books written by (1) acharya somkirti, (2) acharya shubhachandra
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य त्याग – Bahya Tyaga. To renounce all attachments (external materi- als). समस्त बाह्य परिग्रहो (धन धान्यादी ) का त्याग करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचन सत्रिकर्ष- द्वादषंग श्रुतज्ञान; जिसमें प्रकर्श रुप से वचन सन्निकृश्ट होते है। Pravacanasannikarsa- Shrutgyan, scriptural knowledge (with all 12 parts)
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == साधक : == बाह्यमूघ्र्वमादाय, नावमाकांक्षेत् कदाचित् अपि। पूर्वकर्मक्षयार्थाय, इमं देहं समुद्धरेत्।। —समणसुत्त : ५६८ ऊध्र्व अर्थात् मुक्ति का लक्ष्य रखने वाला साधक कभी भी बाह्य विषयों की आकांक्षा न रखे। पूर्वकर्मों का क्षय करने के लिए ही इस शरीर को धारण करे। चरेत्पदानि परिशंकमान:, यत्कििंचत्पाशमिह मन्यमान:। लाभान्तरे जीवितं…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयोजन- ध्येय, लक्ष्य, उद्देष्य, अभिप्राय। किसी अर्थ को पाने या छोड़ने योग्य निष्चित करके उसके पाने या छोड़ने का उपाय करना। Prayojana- Purpose, object, motive, occasion
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यकुमुदचन्द्रिका – Bhavyakumudachandrika. Name of a treatise written by Pandit Ashadhar. पं. आशाधर (ई. ११७३- १२४३) कृत एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमेयरत्नाकर- प्र. आषाधर (ई. 1173-1243) द्वारा रचित एक ग्रंथ। Prameyaratnakara- A book written by PanditAshadharji