एक-अजीव कर्म!
एक-अजीव कर्म Karmas related to non soul matters. द्रव्य कर्म- कार्मण स्कंधों की अवस्था अजीव कर्म है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एक-अजीव कर्म Karmas related to non soul matters. द्रव्य कर्म- कार्मण स्कंधों की अवस्था अजीव कर्म है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्दश पूर्व Fourteen Purvas – early canons (texts). उत्पाद पूर्व, अग्रायणीय , वीर्यप्रवाद , ज्ञानप्रवाद , सत्यप्रवाद ,आत्मप्रवाद ,कर्मप्रवाद ,प्रत्याख्यान , वीर्यानुवाद , कल्याणवाद ,प्राणावाद , क्रियाविशाल , लोकबिंदुसार ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य ज्ञान – Saamaanya Gyaaana. General knowledge. द्रव्य सामान्य मात्र को ग्रहण करने वाला ज्ञान ।
उद्भेदिम A type of five – sensed – beings. पंचन्द्रिय जीवों का एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सानत्कुमार – Saanatkumaara. See-Sanatkumaara. देखें -सनत्कुमार ।
थ The seventeenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का सत्रहवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान दंतमूल है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमेष्ठी (कवि):A poet who wrote the book ‘Vagarthasangraha’.वागर्थसंग्रह पुराण की रचना करने वाले एक कवि ।
दीर्घ अक्षर A word with two syllables (Matra). दो मात्रा का अक्षर ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रामकीतिै – नंदिसंघ के उज्जयनी गदद्ी के भटट्ारक का नाम। समय वि 857 Ramakirti-name of a Bhattarak of nandi group