बाह्य प्रत्यय!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य प्रत्यय – Bahya Pratyaya. External causes for passions. क्रोधादि रूप भाव कषाय कि उत्पति के कारण भूत जो जीव और अजीव रूप बाह्य द्रव्य है वह बाह्य प्रत्यय हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य प्रत्यय – Bahya Pratyaya. External causes for passions. क्रोधादि रूप भाव कषाय कि उत्पति के कारण भूत जो जीव और अजीव रूप बाह्य द्रव्य है वह बाह्य प्रत्यय हैं “
उपचारछल Formal deceitful behaviour, Metaphoric presen-tation. उपचार अर्थ में मुख्य अर्थ का निषेध करके वक्ता के वचनों का निषेध करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्रा लिंग – Bahya Limga. External emblem or marks. बाहरी चिन्ह, दिगम्बरत्व “
उत्पाद Product, origination of any matter into new existence. द्रव्य का अपनी पूर्व अवस्था को छोड़कर नवीन अवस्था को प्राप्त करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरीह – Nireeha. Desireless, Submissive. इच्छा रहित होना, उदासीन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संमोही भावना – Sammohee Bhaavana. Hypocratic mentality (deceitful Intention). 5 कुत्सित भावनाओं में एक भावना इसका नाम कुटुम्ब मोहनी भी है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निराकांक्ष – Niraakaanksha. Free from all desires. इच्छा से रहित “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुवज्र – Suvajra. Name of a Vidyadhar kind. एक विद्याधर, राजा वज्र का पुत्र और वज्रभृत का पिता ।