संख्यात!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्यात – Sankhyaata. Finite counting. दो को आदि लेकर गणना (गिनने योग्य संख्या) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्यात – Sankhyaata. Finite counting. दो को आदि लेकर गणना (गिनने योग्य संख्या) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रसाद – मन में निर्मल भाव लेन वाली वास्तु अनुग्रह कृपा पवित्र द्रव्य Prasada- Propitiatory offering a gift, boon, blessing, sacred materials
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुल- अधेलोक की प्रथम रत्नप्रभा पृथ्वी के प्रथम ‘खरभाग’ की 14वीं पृथ्वी (अपरनाम-बकुल) Bahula- Name of an earth
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्षेप सम्यग्दर्शन – Sankshepa Samyagdarshana. Right faith gained through brief description of scriptures. जिनागम में कहे गये जीवादि पदार्थों को संक्षेप से सुनकर या जानकर जो सम्यग्दर्शन होता है “
गौतमगणधर- जैनधर्म के २४ वें तीर्थंकर भगवान महावीर के प्रमुख गणधर । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोषधोवास- पर्व (अश्टमी, चतुर्दषी आदि) के दिनों में चारों पगाकर के आहार का त्याग करके धर्म ध्यान में दिन व्यतीत करना। Prosadhopvasa- fasting (on 8th & 14th day etc of each fortnight
दण्डक्रीड़ा A game which is played by stick, rod. दण्ड से खेला जाने वाला खेल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंधापसरण- देखें- बंध अपसरण। Bandhapasarana- See bandha Apsarana
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेघमाल–Meghmaal. Name of a city in northern Vijayardh mountain, Name of a Vakshar mountain situated in western Videh (a region) विजयार्ध की उत्तरश्रेणी का नगर, अपर विदेह स्थित एक वक्षार पर्वत”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकलन व्यवहार – Sankalana Vyavahaara. A mathematical operation, Integration. श्रेणी व्यवहार गणित; दो चार राशियों तक सीमित न रखकर धारावाही रूप से जोड़ना अर्थात् समान वृद्धि को लिये अनेक अंको की लम्बी धारा या श्रेणी में यह गणित काम आता है “