तैजस शरीर बंध!
तैजस शरीर बंध A kind of bond of lustrous molecules (reg. body). 5 प्रकार के बंधन नामकर्म के भेदों में एक भेद, गृहीत तैजस पुद्गल स्ंकधों का परस्पर मिल जाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तैजस शरीर बंध A kind of bond of lustrous molecules (reg. body). 5 प्रकार के बंधन नामकर्म के भेदों में एक भेद, गृहीत तैजस पुद्गल स्ंकधों का परस्पर मिल जाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य उपधि – Bahya Upadhi. Alien – belonging (material articles). बाह्य परिग्रह,आत्मा से एकत्व को नहीं प्राप्त हुए ऐसे क्षेत्र, वास्तु, धन आदि बाह्य उपधि हैं “
दर्शन कथा A sacred legend . सति मनोवती नामक एक कन्या द्वारा गजमोती चढ़ाकर जितेन्द्र भगवान के दर्शन करने की एक प्राचीन रोमांचक कथा जिस पर गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने ‘प्रतिज्ञा’ नामक धार्मिक उपन्यास लिखा है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्रदत्ति:To offer food to Jaina with reverential and prescribed procedure.महातपस्वी मुनियो, आर्यिकाओ आदि सुपात्रो के लिए सत्कार पूर्वक पड़गाहन कर जो आहार आदि दिया जाता है उसे पात्रदति कहते है। इससे स्वर्ग एवं भोगभूमि आदि के सुख मिलते है।
आदिपुरुष The first supreme soul of this age, Lord Adinath. अवसर्पिणी काल की कर्मभूमि के आदि नेता आदिनाथ भगवान प्रथम तीर्थंकर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रसकाय Mobile beings (two sensed to five sensed beings). स्थावर जीवों को छोडकर दो इन्द्रियों से पंचेन्द्रिय तक के जीव । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ईश्वर God, Lord. अनंतज्ञानादि परम ऐश्वर्य को प्राप्त करने वाले अर्हन्त और सिद्ध परमात्मा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तैतिल A country situated in Bharat kshetra (region). भरत क्षेत्र में स्थित एक देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुर :Protecting deity of the south ksheevardvip island, A deity of Kundal mountain. दक्षिण क्षीरवर द्वीप का रक्षक देव, कुण्डल पर्वत स्थित हितवतकूट का स्वामी नागेन्द्र देव।