ध्यानस्थ पुरूष!
ध्यानस्थ पुरूष An omniscient engrossed in deep meditation. ध्यान में स्थित पुरूष केवली अन्तस्तत्व का वेदन करने वाले परम जिनयोगीश्वर ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ध्यानस्थ पुरूष An omniscient engrossed in deep meditation. ध्यान में स्थित पुरूष केवली अन्तस्तत्व का वेदन करने वाले परम जिनयोगीश्वर ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विष्णुनंदि –Visnunandi. Name of an omniscient after Lord Mahavira. भगवान महावीर के बाद हुए पंचम श्रुतकेवली, समय – ई. पू. ४६५-४५१, अपरनाम नंदि था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंजिका – Panjikaa. A descriptive book of odd items. वृत्तिसूत्रों के विषम पदों को स्पष्ट करने वाले विवरण को पंजिका कहते हैं “
धृष्टार्जुन Another name of Dhrashtadyumn, a warrier of Krishna. कृष्ण का योद्धा, अपरनाम धृष्टद्युम्न। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैरत्याग –Vairatyaga. Renunciation of mutual hostility (absence of hostility among beings is an excellence of Lord Arihant) अरहंत भगवन का देवकृत एक अतिशय, जीव पूर्व वैर को छोड़कर आपस में मैत्री भाव से रहने लगते हैं “
धृतराष्ट्र Father of Duryodhan including all 100 Kaurvas. द्रुयोधन आदि सौ कौरव पुत्रों के पिता ; एक कुरूवंशी राजा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वातवलय – Vaatavalaya.: Three types of air covers surrounding the universe. वृक्ष की त्वचा के समान लोक को घेरे हुए वायु के तीन वलय घनोदधि ,घनवान और तनुवात “
एकत्वस्थिति Position of absolute meditation. निज शुद्धात्मा की उपलब्धि या निर्विकल्प सुख की स्थिति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]