चतुर्थ-भक्त!
चतुर्थ-भक्त A kind of a particular fasting. पहले और तीसरे दिवस दिन में दो बार भोजन लेना और बीच के दिन कुछ नहीं लेना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्थ-भक्त A kind of a particular fasting. पहले और तीसरे दिवस दिन में दो बार भोजन लेना और बीच के दिन कुछ नहीं लेना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चरणानुयोग गृहमेध्यनगाराणां चारित्रोत्पत्तिवृद्धिरक्षाङ्गम्। चरणानुयोगसमयं सम्यग्ज्ञानं विजानाति।।४५।। अर्थ-सम्यग्ज्ञान ही गृहस्थ और मुनियों के चरित्र की उत्पत्ति, वृद्धि और रक्षा के अंगभूत चरणानुयोग शास्त्र को जानता है अर्थात् जिसमें श्रावक और मुनिधर्म का वर्णन किया जाता है, वह चरणानुयोग है। अथवा An Anuyog (a division of particular treatises) dealing with principles of conduct prescribed for the householders…
दीप्त ऋद्धि A type of supernatural power of increasing lustre in the body like Sun. जिस ऋद्धि के प्रभाव से सूर्य के समान शरीर की दीप्ति बढ़ती है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उभयाव्यतिरेकी That which refers to both extremes. हेतु का एक शब्द- अन्वयव्यतिरेकी जिसमें अन्वय दृष्टांत व व्यतिरेक दृष्टांत दोनों होते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रिषष्ठि शलाका पुरूष चरित्र Name of books written by Chamundraya and Shvetamdaracharya Hemchandra seperately. चामुण्डराय (ई.श. 10-11) एवं श्वेताम्बराचार्य हेमचन्द्र (ई.1088-1173) द्वारा रचित ग्रंथों का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेलित – Helita. Pushing & jostling and mocking at others while paying reverence (an infraction). वंदना का एक देष-वंदना के समय दूसरों को धक्का आदि देना या उनकी हंसी आदि करनां “
दिगाचार्य Acharyas having knowledge of all directions. सर्व दिशाओं के ज्ञाता आचार्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चतुर्ज्ञान-सिद्ध Those who have got salvation because of four types of super knowledge (according to Bhutpragyapan Naya). भूतप्रज्ञापन नय की अपेक्षा ४ ज्ञान से सिद्ध होने वाले जीव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हुंडकसंस्थान – Humdakasamsthaana. Misshaped structure of body. संस्थान के 6 भेदो मे एक भेद-विषम या बेडौल शारीरिक आकृति का बनना।