स्त्रिकथ!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्रीकथा -Strikathaa. Passionate tale or romantic gossip.विकथा के 4 भेदो मे एक भेद। स्त्रियो की रागोत्पादक कथाओ को सुनना या करना अथवा कामीजनो द्वारा की जाने वाली स्त्रियो की संयोग-वियोग जनित विविध वचन रचना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्रीकथा -Strikathaa. Passionate tale or romantic gossip.विकथा के 4 भेदो मे एक भेद। स्त्रियो की रागोत्पादक कथाओ को सुनना या करना अथवा कामीजनो द्वारा की जाने वाली स्त्रियो की संयोग-वियोग जनित विविध वचन रचना।
त्यक्त ज्ञायक शरीर The body left with renouncement. नोआगम द्रव्य कर्म का एक भेद कर्मस्वरूप के जानने वाले जीव का संन्यास रूप परिणामों से छोडा गया शरीर । यह तीन प्रकार का है- भक्तप्रत्याख्यान , इंगिनी व प्रायोपगमन। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चरणसार A book written by Acharya Padmanandi. चारित्रसार ; आचार्य पद्मनंदि (ई. श.. ११ उत्तरार्ध) कृत एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधितंत्र टीका – Samaadhitantra Teekaa. Name of a commentary book written by Acharya Prabhachandra. आचार्य प्रभाचन्द्र (ई. 950-1020) कृत संस्कृत टीका।
तृतीय काल A type of particular time period (plentitude-cum-penury). सुषमा दुषमा काला, इसमें जघन्य भोगभूमि की व्यवरूथा होती है। , [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चित्रकारपुर A city of Bharat Kshetra (region). भरतक्षेत्र का एक नगर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तृतीय भूमिका See – Tîsarî Bhýmikå. देखें- तीसरी भूमिका। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चांडाल The untouchables, a sinful person (used as a rebuke) pertaining to the obstacle in saint-food. अस्पर्श शुद्र , चाण्डालादि के दिख जान एपर या उसका शब्द कान में पद जाने पर आहार में अन्तराय हो जाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समवसरण – Samavasarana. Assembly of Lord Arihant, the place of resonant preaching of Lord Arihant. तीर्थकर की घर्मसभा को समवसरण कहते है। जहां समस्त स्त्री-पुरुष पशु-पक्षी, और देवी-देवता समान भाव से भगवान का उपदेष सुनते है अथवा जहां सभी भव्य जीव तीर्थकर की दिव्यध्वनि के अवसर की प्रतीक्षा करते है वह समवसरण है। सौधर्म…
तिर्यग्योनि Form of Tiryanch beings i.e. the beings other than celestial, infernal and human beings. तिर्यचयोनि उपपाद जन्म वाले और मनुष्यों के अलावा शेष सभी एकेनिद्रय से पंचेन्द्रिय तक के जीव तिर्यंचयोनि वाले कहलाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]