तत्वार्थसार!
तत्वार्थसार A book written by Acharya Amritchandra. आचार्य अमृतचंद्र (ई. 905-955) द्वारा रचित एक संस्कृत ग्रंथ तत्वार्थ का प्ररूपक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वार्थसार A book written by Acharya Amritchandra. आचार्य अमृतचंद्र (ई. 905-955) द्वारा रचित एक संस्कृत ग्रंथ तत्वार्थ का प्ररूपक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चल्लितापि A river of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). भरतक्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यक्तवाराधना – Samyaktvaaraadhanaa. Enlightenment of right faith. आराधना के दो भेद (सम्यक्तवाराधना और चारित्राराधना) मे प्रथम भेद, सम्यग्दर्षन का यथायोग्य रीति से उद्योतन करना।
तत्वसार A book written by Acharya Devasen. आचार्यदेवसेन (ई. 933-955) द्वारा रचित प्राकृत गाथाबद्ध एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
चेदि An area of ‘Malwa’ near to ‘Chanderi’, A country of Bharat Kshetra in Arya Khand (region), A city situated at Vindhyachal. मालवा प्रांत की चंदेरी नगरी के समीपवेरती एक प्रदेश , भरतक्षेत्र आर्यखण्ड का एक देश , केरल का प्राचीन नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्रीवेद कर्म प्रकृति – Striveda Karma Prakrti Karmic nature causing sexual desire in woman.देखे- स्त्रीवेद। नो कषाय का एक भेद जिसके उदय से पुरुष से संयोग की याह हो।
गंधा An area of western videh (region). अपर विदेह स्थित एक क्षेत्र ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्दश राजू Fourteen Raju, measure of the universe. १४ राजू , लोक का प्रमाण ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्री परिषह जय – Stri Parisaha Jaya. Victory over the woman-affliction causing sexual troubles.एकांत उद्यान या भवन आदि स्थानो मे यौवन से उन्मत्त स्त्रियो के द्वारा बाधा पहुुंचाये जाने पर भी कामविहार से विचलित नही होना।
चक्रेश See – Cakravartî. चक्ररत्न के स्वामी , देखें- चक्रवर्ती ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]