यषोधचरित्र!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोधचरित्र – वादिराज द्वि ई 1010 – 1065 कृत, कवि पùनाथ ई 1405 – 1425 कृत, सकलकीर्ति ई 1406 – 1442 आदि विद्वानो द्वारा इस विशय के कइ ग्रन्थ रचे गए है। Yasodharacaritra-A character portrayal by many writers
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोधचरित्र – वादिराज द्वि ई 1010 – 1065 कृत, कवि पùनाथ ई 1405 – 1425 कृत, सकलकीर्ति ई 1406 – 1442 आदि विद्वानो द्वारा इस विशय के कइ ग्रन्थ रचे गए है। Yasodharacaritra-A character portrayal by many writers
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संघात (नामकर्म) – Sanghaata (Naamakarma). Physique making Karmic nature causing association of body molecules. जिसके उदय से औदारिक आदि 5 शरीर योग्य परमाणु परस्पर छिद्र रहित मिल जावें “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर नामकर्म प्रकृति- जिस कर्म के उदय से जीव बादर कार्य में उत्पन्न होता है। Badara Nama Karma Prakrti- A physique making Karma causing gross body
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पूर्वापर अविरोध – Purvapara Avirodha. State devoid of mutual contradiction. परस्पर विरोध से रहित होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रकाम्य ऋद्धि- जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु जल के समान पृथ्वी पर और पृथ्वी के समान जल पर गमन करने में समर्थ होते है। Prakamya Rddhi- A type of super natural power (related to special walking on the surface of earth & water)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नपुरी तीर्थ – तीर्थकर घर्मनाथ भगवान की जन्मनगरी का नाम, ये वर्तमात में उ प्र के फैजाबाद जिले में स्थित है।सती मनोवती की गजमोती चढाकर जिनेन्द्र भगवान के दर्षन करने की प्रतिज्ञा यही पूर्ण हुयी थी। इसे रौनाही के नाम से भी जाना जाता है। Ratnapuri(Tirtha)-Name of a place of pilgrimage, The birth place…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्याधिकार – Sankhyaadhikaara. One of the 8 Anuyogadvars (disquisition doors). 8 अनुयोगद्वारों में एक अनुयोगद्वार ” जीव किस-किस गुणस्थान व मार्गणा स्थान आदि में कितने-कितने हैं इसका निरूपण इस अधिकार में किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बाणा- भारतक्षेत्र में स्थित आर्यखण्ड की एक नदी। Bana- A river of bharat khsetra Arya khand (region)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लक्षणाभास – मिथ्या अर्थात सदोश लक्षण। Laksanabhasa-faulty characteristics (A fallacy)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुशिलापटता- रत्नप्रभा पृथिवी के खरभाग का अंतिम पटल। Bahusilapatala- Name of a patal (layer) of Ratnaprabha earth