निसृत!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसृत – Nisrta Preception of an exposed thing. मतिज्ञान; सामने विद्यमान पूरी वस्तु को जानना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसृत – Nisrta Preception of an exposed thing. मतिज्ञान; सामने विद्यमान पूरी वस्तु को जानना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (परुष) – Vachan (Parusha).: Cruel or harsh language. असत्य वचन; अहितकारी , कठोर , मर्मछेदी वचन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्प्रतीकार – Nishprateekaara. Unopposing. प्रतिकार रहितता “
दानांतराय A type of obstacle related to donation. अंतराय के पाँच भेदों में से एक जिसके उदय से मनुष्य दान देने की इच्छा करता हुआ भी नहीं दे पाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वक्तव्य –Vaktavya : Speech, utterance , communique . कहे जाने या बोले जाते योग्य “प्रकथन योग्य “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्कांक्षित अनशन – Nishkaankshita Aanashana. An austerity of great fasting (leaving food-taking) up to the time of death being desire-lesss. अनसन का एक भेद; भक्त प्रत्याख्यान आदि अनेक प्रकार के मरणों में मरण पर्यत आहार का त्याग करते हुए आकांक्षा रहित बने रहना “
दश वैकालिक A type of scriptural knowledge (shrutgyan). अंगबाह्य श्रुत का 7 वां प्रकीर्णकः इसमें मुनियों की गोचरी आदि वृतियों का वर्णन किया गया है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषेक – Nisheka. Specific aggregate of Karmic molecules. एक समय में जितनी कर्म वर्गणाएं उदय मे आकर झडती है उनक समूह “
दर्शनाचार Observance of right perception. 5 प्रकार के आचार का एक भेद अतिचार रहित सम्यग्दर्शन का पालन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]