वादीभसिंह (अजितसेन )!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वादीभसिंह (अजितसेन )- Vaadibhasingha (Ajitasena).: Name of the disciple of Vadiraj-2. वादिराज-2 के शिष्य ,यादवराज ऐरेयंग शांतराज तेलगु (ई.-1103 ) के गुरु “स्याद्वाद सिद्धि के रचयिता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वादीभसिंह (अजितसेन )- Vaadibhasingha (Ajitasena).: Name of the disciple of Vadiraj-2. वादिराज-2 के शिष्य ,यादवराज ऐरेयंग शांतराज तेलगु (ई.-1103 ) के गुरु “स्याद्वाद सिद्धि के रचयिता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंडितमरण –Panditamaran. A type of holy death of saints occurring from the 6th stage of spiritual development (Gunsthan) upto the 11th one. समाधिपूर्वक मरण; छाते गुणस्थान स्वे लेकर ग्यारहवें गुणस्थान तक में होने वाला मरण पंडित मरण है” भक्त प्रत्याख्यान, डंगिनी और प्रायोपगमन ये तीन मरण पंडित मरण है “
तत्वसार A book written by Acharya Devasen. आचार्यदेवसेन (ई. 933-955) द्वारा रचित प्राकृत गाथाबद्ध एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुचि – Shuchi. Purity (reg.worldly or spiritual), A type of peripatetic diety. पवित्रता; लौकिक और लोकोत्तर के भेद से ये दो प्रकार की होती है ” पिशाच व्यन्तारों का 8वां भेद “
गंधा An area of western videh (region). अपर विदेह स्थित एक क्षेत्र ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाद-न्याय – Vaad-Nyaaya.: Name of a treatise written by Acharya Kumarnandi. आचार्य कुमारनंदि (ई.- 776) कृत संस्कृत भाषा में न्याय विषयक ग्रन्थ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैतृष्ण्य –Vaitrsnya Synonym word for Samata equanimity of harmony। समता का पर्यायवाची “
चक्रेश See – Cakravartî. चक्ररत्न के स्वामी , देखें- चक्रवर्ती ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाचा शरीर विवेक – Vaachaa Sharira Vivek.: Not to say others for the protection of one-self (a kind of wisdom). विवेक का एक भेद ; शरीर को तुम पीड़ित मत करो अथवा मेरा रक्षण करो इस प्रकार के वचन न कहना “
चंद्रग्रहण An eclipse of the moon. राहु का चन्द्रमा को आच्छादित करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]