वेदना!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदना –Vedana Experiencing pain or trouble. दुख अथवा कष्ट की अनुभूति या अनुभव का नाम वेदना है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदना –Vedana Experiencing pain or trouble. दुख अथवा कष्ट की अनुभूति या अनुभव का नाम वेदना है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शशि – Shashi. The Moon, A king of Ikshvaku dynesty. चंद्रमा, इक्ष्वाकुवंशी एक राजा जो रवितेज का पुत्र था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निवृत्त्यपर्याप्त – Nirvrttyapaparyaapta. Period of completion of eligible state (i.e. 6 Paryaptis) for body making in (Antarmuhurta). पर्याप्ति नामकर्म के उदय से युक्त जीव के जब तक शरीर पर्याप्ति पूर्ण न हो उतने काल तक उसे निर्वृति अपर्याप्त कहते है (अर्थात्एक समय कम शरीर-पर्याप्ति सम्बन्धी अन्तर्मुहूर्त पर्यत्न काल)” इस अवस्था को सर्वज्ञ ही जानते…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्त विष्कंभ –VrttaViskambha Diameter, width of a ring. वृत्त का व्यास “
उपशामक Calming, Pacifying . जो जीव कर्मों के उपशामक करने में व्यापार करते हैं उन्हें उपशामक कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदगतभंग : Differentiation of different feelings on different aspects according toer knowledge. Perception etc. क्षायोपशमिक आदि 5 भावों के ही भिन्न भिन्न ज्ञान दर्शनादि भाव केा ग्रहण कर भग करना ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैस्रसिक परिणाम –Vaisrasika Parinama. Natural changes. स्वाभविक परिवर्तन, जिसमें पुरुष प्रयत्न की आवश्यकता नहीं होती “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकोत्तर शरण –Lokottara Sharan The supreme resort ,the shelter of Panch Parmeshthis . पंच परमेष्ठी आदि लोकोत्तर शरण हैं “जिनकी शरण लेकर लोक अर्थात् संसार को पार किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पण्य भवन :Palace of Somdev situated in the east of Nandon etc. forests of Sumeru (mountain). सुमेरू पर्वत के नन्दनादि वनों के पूर्व में स्थित सोमदेव का भवन।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्तिपरिसंख्यान –Vrtti. Conduct, Behaviour, Natural tendency. बाह्य तप का एक भेद – आहार को जाते समय अनेक प्रकार की प्रतिज्ञा या आकड़ी लेना “