वैस्रसिकी क्रिया!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैस्रसिकी क्रिया –Vaisrasiki Kriya. Natural activities or changes i.e. cloud thundering etc. मेघ आदि की स्वाभविक क्रिया वैस्रसिकी क्रिया हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैस्रसिकी क्रिया –Vaisrasiki Kriya. Natural activities or changes i.e. cloud thundering etc. मेघ आदि की स्वाभविक क्रिया वैस्रसिकी क्रिया हैं “
जयनंदि The disciple of Devnandi & the spiritual teacher of Gurunandi. देवनंदि के शिष्य व गुरुनंदि के गुरु (वि. शक सं . ३०८-३५८)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्व – Sra. Self, personal, own.अपना, निजी, आत्मपरक या अपनी जाति से संबंध रखने वाला।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पकोटि : Count of a number, (10,000,000)२ एक संख्या प्रमाण (10,000,000)२
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृत्युभय–Mratyubhay. The fear of death. सात भयो में एक भय; मरने से डरना”
जयंता A city of Videh Kshetra (region), Name of a large well of Nandishvardvip (an island), Name of a female deity resident of Ruchak mountain. विदेह क्षेत्र की एक नगरी , नंदीश्र्वर द्वीप की एक वापी , रूचक पर्वत पर निवास करने वाली एक देवी का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादस्ति – Syaadasti The first Bhang of saptbhangi-exposition of the nature of the substance in the aspect of affirmation.सप्तभंगी के 7 भंगो मे प्रथम भंग-स्वद्रव्य, क्षेत्र, काल, भाव की अपेक्षा द्रव्य कथंचित् अस्ति रुप है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पेय – Peya. Drinkable substances liquids. पीने योग्य दूध, पानी आदि पतले द्रव्य “
जटायु The famous vulture related to mythology. सीता द्वारा वन म,एन श्री सुगुप्ती मुनि को आहारदान के समय वृक्ष पर बैठे गृद्ध पक्षी को जातिस्मरण हो आया . मुनिराज के चरण प्रक्षालन के जल के प्रभाव से उसका शरीर स्वर्णमाय बनम गया आयुर उसका नाम जटायु पद गया . मुनिराज के उपदेश से उसने अणुव्रत…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याच्चेतन – Syaaccetana. Exposition of soul in the aspect of consiousness. चेतन स्वभाव प्रधानता की अपेक्षा जीव का कथन।