उपधातु!
उपधातु Bodily humour (phlegm, wind, bile). औदारिक शरीर में वात पित श्लेष्म शिरा स्नायु चर्म उदराग्नि ये 7 उपधातु हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपधातु Bodily humour (phlegm, wind, bile). औदारिक शरीर में वात पित श्लेष्म शिरा स्नायु चर्म उदराग्नि ये 7 उपधातु हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृत्तिका नयन यंत्र–Mrattika Nayan Yantr. A type of metallic plate engraved with some auspicious mystic words. 48 यंत्रों में एक; जिसमे मृत्तिका नयन मन्त्र के अक्षर, शब्द मंत्रो की रचना कोष्ठक आदि बनाकर चित्रित की जाती है”
दंड Punishment . सजा । मन, वचन, कायरूप तीन प्रकार का दंड होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विंध्या – Nirvindhyaa. A river of Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरतक्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी “
आयोपाय A virtue of Acharya to get disclosed the faults of a Kshapak. क्षपक के दोषों को निकलवाने का एक गुण आचार्यों का एक गण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाण – Nirvaana. Libration, Salvation, Emancipation. मोक्ष; जन्म-मरण से मुक्ति प्राप्त कर शिव पद को धारण करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभक्ति – Vibhakti. Division, classification. विभाग करने को विभक्ति कहते है ” विभक्ति, भेद, प्रथग्भाव एकार्थवाची शब्द हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्माणरजस् – Nirmaanarajas. A heavenly deity (Laukantik Deva). एक लौकान्तिक देव “