तर्कामृत!
तर्कामृत A book written by Shivaditya. वैषेषिक साहित्य प्रवर्तक शिवदित्य का एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तर्कामृत A book written by Shivaditya. वैषेषिक साहित्य प्रवर्तक शिवदित्य का एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधारण वनस्पति – Saadhaarana Vanaspati. General vegetation. वनस्पति के दो भेदों में एक भेद । जिस वनस्पति के आश्रित साधारण जीव होते है वह साधारण कहलाती है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमार्थ:Highest truth or merit, Release from rebirth, ultimate or transcendental reality.उत्कृष्ट अर्थ, धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष, लक्षण वाले परमार्थो में जो परम उत्कृष्ट है, ऐसा मोक्ष लक्षण वाला अर्थ परमार्थ कहलाता है।
तमस्विनी A river of Bharat kshetra in Arya khand (region). रात, अंधेरी रात ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सादि बंध – Saadi Bandha. Rebinding of karmas. जिस कर्म प्रकृति के बन्ध का अभाव होकर पुनः बन्ध होता है वह सादिबन्धी प्रकृति कहलाती है।
तप प्रायश्चित्त Austerity for atonement. गुरुजन द्वारा शिष्य के दोष को दूर करने के लिए दिया गया तप का आदेश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तपकल्याणक The 3rd auspicious event of Tirthankars’ (Jaina Lord) lives (related to austerity). कल्याणक के पंच कल्याणकों में तृतरीय दीक्षा कल्याणक । इस कल्याण्वशसेष रूप से लौकांतिक देव आकर भगवान के वैराग्यभाव की प्रशंसा करतजे । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तीर्थ दर्शन Paying reverence (in direct or indirect way) to place of pilgrimages. संयम की विराधना न करते हुए तत्पर मन से तीर्थ वंदना करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तद्विलक्षण Knowledge acquired by studying the scriptures (reg. extraordinariness). प्रत्यभिज्ञान का एक भेद, यह उससे विलक्षण है इस प्रकार का ज्ञान होना । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सागर – Saagara. Ocean, sea, name of the main questioner in the assembly of Lord Ajitnath. समुद्र, मध्यलोक मे द्वीपांे का वेष्टित करते हुए एक के पीछे एक असंख्यात सागर है। तीर्थकर अजितनाथ का मुख्य प्रश्नकर्ता।