भ्रमणकाल!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भ्रमणकाल:The infinite time period of mobility (transmigration) of soul. संसार परिभ्रमण का काल जो अनंत है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भ्रमणकाल:The infinite time period of mobility (transmigration) of soul. संसार परिभ्रमण का काल जो अनंत है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योजन – क्षेत्र का प्रमाण विषेश। 4 कोस का एक लघु योजन, दो हजार कोस का एका महायोजन होता है। Yojana-A large measurement unit of area
गुणभद्र Name of Acharyas, disciple of Acharya Jinsen (II) etc. आचार्य जिनसेन द्वितीय के शिष्य ई. ८७०-९१० उत्तरपुरंज आदि के करता इस नाम के और भी कुछ आचार्य हुए ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगोपभोग:Enjoyment of worldly pleasures. जो वस्तु एक बार भोगने में आये वह भोग (भोजन इत्यादि) एवं जो बार बार भोगने में आये वह उपभोग (शय्या इत्यादि) कहलाती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युक्तासंख्यात – असंख्यात के तीन भेदो में एक भेद, इसके उत्तम, मध्यम जघन्य तीन भेद है। Yuktasamkhyata-A unit of uncountable numbers
गौरीविद्या A super knowledge, initiator of Gaurik Vidyadhar dynasty. एक विद्या; जिससे गौरिक विद्याधर वंश की उत्पत्ति हुई ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगंकरा:A female deity of Gajdant summit. गजदन्त कूट की एक देवी का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लक्ष्मण – राजा दषरथ के पुत्र, राम के भाई, आठवे नारायण, इन्होने कोटिषिला उठाई थी।लक्ष्मण का राम के प्रति भ्रात प्रेम संसार में प्रचलित है। Laksamana-The younger brother of lord Ramchandra
गद्यचिंतामणि A book written by Acharya Vadeebh singh. आचार्य वादीभसिंह ओइय देव (ई. ७७०-८६०) द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लघुसर्वज्ञ सिद्धि – आचार्य अनंन्तकीर्ति कृत संस्कृत भाशा का न्याय विशयक गं्रथ। Laghusarvajna Siddhi-Name of a book written by Acharya Anantakirti