मूर्त!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्त–Muurt. Sensually acceptable matters, Corporeal, tangible. जो पदार्थ जीवो के इन्द्रियग्राह्रा विषय है व मूर्त है अथवा रूप, रस आदि गुणों का पिण्ड मूर्त है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्त–Muurt. Sensually acceptable matters, Corporeal, tangible. जो पदार्थ जीवो के इन्द्रियग्राह्रा विषय है व मूर्त है अथवा रूप, रस आदि गुणों का पिण्ड मूर्त है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशाखदत्त – Vishakhadatta. The first Achary possessing knowledge of 11 Angas & 10 purvas (parts of shrutgyan-scriptural knowledge). ११ अंग १० पूर्व के ज्ञाता ११ मुनियों में प्रथम आचार्य ” अपरनाम विशाखाचार्य “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावग्रंथ – Bhavagramtha. Internal attachment. अंतरंग परिग्रह; मिथ्यात्व आदि इसके १४ भेद हैं “
एक संख्या A number i.e. 1. एक संख्या को नोकृति कहते हैं क्योंकि इसका वर्ग करके मूल में से घटाने पर वृद्धि नहीं होती बल्कि मूल संख्या ही नष्ट हो जाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आतपत्र A parasol – one of the 14 jewles of a Chakravarti (emperor). चक्रवर्ती के 14 रत्नों में एक रत्न-छत्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वार्तिकाकर्म – Vaartikaakarma.: Polishing or Varnishing. वस्तु तैयार करके उस पर पॅालिश आदि कर दी जाती है यही वार्तिक कर्म है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लघिमा ऋद्धि – विक्रिया ऋशि का एक भेद, जिस ऋशि के प्रभाव से साधु अपने षरीर को वायु से भी हल्का बनाने मे समर्थ थे। Laghima Rdhhi-A type of super natural power pertaining to turning body lighter than air
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वायुमंडल – Vaayumandal.: Atmosphere, Environment. वायु का घेरा या मार्ग “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैशाली –Vaisali. Name of the maternal place of Lord Mahavira, the capital city of Sindhu country, ruled over by king Chetak, the maternal grandfather of Lord Mahavir. भगवन महावीर की ननिहाल ” दिगम्बर जैन ग्रंथो (उत्तरपुराण वीरजिणिन्दचरिउ, महावीर पुराण आदि) के अनुसार वैशाली नगरी सिंधु देश में थी, वहाँ के राजा चेटक…