पर रूप!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर रूप:Alien nature.अपने स्वभाव को छोडकर विभाव रूप परिणमन होना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर रूप:Alien nature.अपने स्वभाव को छोडकर विभाव रूप परिणमन होना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकल-जिन – Sakala-Jina. The supreme one, destroyer of all 4 karmas. जो घातिया कर्मों का क्षय कर चुके हैं, ऐसे सशरीरी सकल परमात्मा अर्थात् अरिहंत भगवान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविनंदी – शट्खण्ड आगम के ज्ञाता, बप्पदेव के षिक्षा गूरू एक आचार्य। Ravinandi-Name of an acharya
उद्दावण Causing turmoil to living beings. जीवों को सताना मारना आदि उपद्रव उद्दावण (उत्तापन) कहलाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लालसा – प्रबल इच्छा अभिलाशा, निदान षल्य भोगो की लालसा रखना। Lalasa-Keen, Desire Longing
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामानिक – Saamaanika. Those equal to Indras in age, power and enjoyment but lacking in grandeur. जो देव आयु, शक्ति, परिवार तथा भोगोपभोग में इन्द्र के समान होते है, किन्तु आज्ञा और ऐष्वर्य में इन्द्र से हीन होते है। ये पिता गुरू या उपाध्याय के समान माने जाते है।
ऋजुवाक्कृतार्थज्ञ One having telepathic knowledge (Manah Prayay Gyan) related to utterances. वचन के द्वारा किये जाने वालेू कार्य को ऋजुमति मनःपर्यय ज्ञान के द्वारा जानने वाला।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवि – Prthivi. Earth. धरती, पृथ्वी के चार भेद हैं- पृथ्वी, पृथ्वीकाय, पृथ्वीकायिक, पृथ्वीजीव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधुसेन – Saadhusena. The 38th chief disciple of Lord Rishabhnath. तीर्थकर ऋषभनाथ के 38 वें गणधर ।