धन्य!
धन्य Felicitous, Name of a saint of the era of Lord Mahavira. अभिनंदनीय ; एक मुनि भगवान महावीर के तीर्थ के अनुत्तरोपपादकों में से एक।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धन्य Felicitous, Name of a saint of the era of Lord Mahavira. अभिनंदनीय ; एक मुनि भगवान महावीर के तीर्थ के अनुत्तरोपपादकों में से एक।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वल्गुप्रभ – Valguprabha.: Name of a heavenly abode of Kuber, Lokpal a protecting deity. कुबेर लोकपाल का विमान “
धनकुमार चरित्र A book written by Acharya Gunbhadra. आचार्य गुणभद्र(ई. 1182) द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्द्धमानचारित्र – Varddhamaana Chaaritra.: Name of a great treatise (epic) written by a great poet Asag. शक सं. 910 के महाकवि अगस द्वारा लिखित 18 सर्ग प्रमाण हिन्दी महाकाव्य “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भागाभाग – Bhagabhaga. Divided divisions. कुल द्रव्यों का भाग करने पर, कितना भाग किसके हिस्से में आता है, इसे भागाभाग कहते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव सल्लेखना – Bhava Sallekhana. Auspicious and holy death with destruction of passions. राग, द्वेष और मोह से रहित होकर मृत्यु को प्राप्त करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुर्यप्रज्ञप्ति – Suryapragyaapti. A part of scriptural knowledge containin description about the Sun (reg. its age, movement, family etc.) अंगश्रुत का एक भेद । दृष्टिवाद के प्रथम भेद परिकर्म में 5 प्रज्ञप्तियों का वर्णन है, उसमे यह दूसरी प्रज्ञप्ति है। इसमें 5 लाख 3 हजार पदो के द्वारा सूर्य की आयु, परिवार, वैभव, गति…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच अनुमानावयव – Pancha Anumaanaavayava. Five elements of apprehensive sentences. प्रतिज्ञा, हेतु, उदाहारण, उपनय और निगमन ये अनुमान वाक्य के पंच अवयव है “
द्वैधीभाव Dual nature as a virtue of king. राजा का एक गुण शत्रुओं में यथावश्यक संधि और विग्रह करा देना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूरकीर्ति – Soorakeertee. Name of Bhattarak of Nandi group. न्ंदिसंघ बलात्कारगण वारां गद्दी के एक भट्टारक भावनंदि के शिष्य , विद्याचन्द्र के गुरू । समय वि0सं0 1167 ।