खेद!
खेद Pain, sorrow, Affliction. अनिष्ट की प्राप्ति होना, दुख ,शोक, अवसाद । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
खेद Pain, sorrow, Affliction. अनिष्ट की प्राप्ति होना, दुख ,शोक, अवसाद । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूधरदास – Bhudharadasa. Name of a writer who wrote Parshvanath Puran, Pada Sangrah (poetic compositions) etc. many great books. पाशर्वनाथपुराण; जैन शतक, पद संग्रह आदि के कर्ता “
खंडित Division of any quantity, Wornout, Mutilated. गणित की भागाहार विधि में भाज्य राशि को भागाहार करना, मूर्ति आदि का कोई हिस्सा टूट जाना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाश स्वभाव – Prakasha Svabhava. Luminous nature. तेजस्व प्रकृति “
उपशमचारित्र Subsidence character (conduct related to upasham). समस्त मोहनीय कर्म के उपसम से 11 वें गुणस्थान में औपशमिक चारित्र होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुवनाम्बिका – Bhuvanambika. An addressing word for Marudevi-mother of Lord Rishabhadev. मरूदेवी जिन्हें वृषभदेव भगवान की जननी होने से भुवनाम्बिका (अर्थात् जगत माता) नाम से सम्बोधित किया गया था “
खण्डकल्पना Imagination of partition-region(of indivisible matters like sky etc.) विभाग कल्पना; आकाश द्रव्य अविभागी (अखण्ड) है फिर भी उसमें (प्रदेशरूप) खण्ड कल्पना हो सकती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == श्रम : == इह लोगणिरावेक्खो, अप्पडिबद्धो परम्मि लोयम्हि। जुत्ताहार—विहारो, रहिदकसाओ हवे समणो।। —प्रवचनसार : ३-२६ जो कषायरहित है, इस लोक में निरपेक्ष है, परलोक में भी अप्रतिबद्ध (अनासक्त) है और विवेकपूर्वक आहार–विहार की चर्या रखता है, वही सच्चा श्रमण है। आगमहीणो समणो णेवप्पाणं परं वियाणादि। —प्रवचनसार : ३-३०…
उपशम सत्त्वकाल Subsidence – state period . अन्तर्मुहूर्त काल उपशम सत्त्वकाल है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]