देवागंना!
देवागंना Female deities. देवियाँ- इनका जन्म केवल प्रथम एंव दूसरे स्वर्ग में होता है। और 16 स्वर्गों तक अपने-अपने नियोगी देवों द्वारा ले जायी जाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवागंना Female deities. देवियाँ- इनका जन्म केवल प्रथम एंव दूसरे स्वर्ग में होता है। और 16 स्वर्गों तक अपने-अपने नियोगी देवों द्वारा ले जायी जाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चित्रक A painter, an artist, Name of the summit situated in the forest of Sumeru, Name of an Ayurvedic medicine. चित्रकार , सुमेरू के वनों में स्थित कूट का नाम , एक आयुर्वेदिक औषधि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सज्जनचित्तवल्लभ – Sajjanacittavallabha. Name of a treatise written by Acharya Mallishen. आचार्य मल्लिषेण (ई. 1047) द्वारा रचित अध्यात्म उपदेश रूप संस्कृत छंदबद्ध ग्रंथ ” इसमें 25 श्लोक हैं “
चारूदत्त A king of Yadu dynasty, Name of the chief disciple of Lord Sambhavanath. यदु वंश का एक राजा , संभवनाथ भगवान के मुख्या गणधर जा नाम जिन्हें ‘चारुषेण’ (चारुसेन) भी कहा जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपातित ध्यान – सिद्ध परमेही का घ्यान करना। Rupatita Dhyana-A type of meditation deep engrossment in the form of Siddha Bhagvan
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शून्यवाद – Shunyavaada. A Bauddha philosophy believing zero as the supreme element. बौद्धदर्शन, जो सभी तत्व शून्य के गर्भ में विलीन हो जाते हैं एवं शून्य ही एक मात्र परम तत्व है, ऐसा मानता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त भाव – Sachitta Bhaava. Animate beings. निक्षेप रूप भाव का एक भेद ” जीव द्रव्य सहित भाव है बाकी 5 द्रव्य अचित्त भाव हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शून्य – Shunya. Blank, Empty, Void, Zero, Cipher. रिक्त, खाली, सर्व द्रव्यों का अभाव शून्य दोष कहलाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समानाधिकरण – Samaanaadhikarana. Synatactic relation, co-ordinate status (of words etc). भिन्न प्रवृत्ति मे जो निमित है ऐसे विभिन्न शब्दों की एक ही अर्थ मे वृत्ति होना समान्याधिकरण है।