रूक्षस्पर्ष नामकर्म!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्षस्पर्ष नामकर्म – जिस कर्म के उदय से षरीर रूखा हो। Ruksasparsa Namakarma-A type of karma causing dry skin in body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्षस्पर्ष नामकर्म – जिस कर्म के उदय से षरीर रूखा हो। Ruksasparsa Namakarma-A type of karma causing dry skin in body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रामा – पुश्पदंतनाथ भगवान की माता का नाम Rama-Mother’s name of Tirthankar (Jaina Lord) Pushpadantnath
इष्ट वियोगज Origination of sorrow by the separation of desired one. इष्ट पदार्थ के वियोग होने पर उत्पन्न होने वाला दुःख। उसकी प्राप्ति की सतत चिन्ता करना दूसरा आत्र्तध्यान है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आप्तपरीक्षा A book written by ‘Acharya Vidyanandi’. आचार्य विद्यानन्दि (ई. 775-840) द्वारा रचित ईश्वर परीक्षा विषयक न्याय ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रिट्ठणेमिचरिउ – कवि स्वंयंभु कृत भगवान नेमिनाथ का जीवन वृत्त।18000 ष्लोक प्रमाण अपभ्रंष काव्य। Ritthanemicariu-Name of a religious book written by a poet Svayambhu
आबाधा काण्डक Time – lag split (reg. Karmic theory). कर्मस्थिति के जितने भेदों में एक प्रमाण वाली आबाधा है उतने स्थिति के भेदों को आबाधाकाण्डक कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नमुक्तावली व्रत – एक व्रत इसमे 343 दिन मे 284 उपवास एवं 59 पारणाए की जाती है Ratnamuktavali Vrata- A particular kind of procedural vow of 284 fasting and 59 food taking days (parnas)
ईश्वरवाद Deism, Theism (related to faith in God). एक एकांत मत जो आत्मा को ज्ञान रहित व अनाथ एंव आत्मा के सुख-दुख स्वर्ग-नरकादि सर्व ईश्वर द्वारा किया मानता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ल – देवनागरी लिपि का अट्ठाईसवां व्यंजन इसका उच्चारण स्थान दंत है। La-The 28th consonant of Devanagari syllabary ल – लक्ष एक लाख की सहनहानी। La- a symbol for one hundred thousand
तेरहपंथ A division of Jain (Digambar) religious comm-unity. दिगम्बर जैन सम्प्रदाय का एक विभाग । वर्तमान में दिगम्बर परम्परा में बीसपंथ और तेरहपंथ दो परम्पराएँ प्रचलित है। इनमें से बीसपंथ आगम सममत क्रियाओं को मानने वाला प्राचीन पंथ है एंव तेरहपंथ अनुमानित 400 वर्ष पूर्व कतिपय विद्वानों द्वारा स्थापित किया गया एक नया पंथ है।…