गौरव!
गौरव Eminence, Grandeur, Dignity. महत्त्व, बड़प्पन,सम्मान, अतिचार का एक भेद , वंदना का एक अतिचार ; भोजन उपकरण आदि की चाह से करना ऋद्धि गौरव दोष है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गौरव Eminence, Grandeur, Dignity. महत्त्व, बड़प्पन,सम्मान, अतिचार का एक भेद , वंदना का एक अतिचार ; भोजन उपकरण आदि की चाह से करना ऋद्धि गौरव दोष है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोपुर Houses constructed on the door of rampart. कोटों के दरवाज़ोन पाकर जो घर बने होते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धात्मस्वरुप – Suddhaatmasavroopa. The absolute form of soul, A synonym word for Mokshmarg (path of salvation). शुद्ध आत्मा का स्वरुप, मोक्ष मार्ग या निर्विकल्प समाधि का अपरनाम “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंत्रसामर्थ्य: Power of mystical words or verses. मंत्र की शक्ति “
गूढ़दन्त Name of the 4th predestined Chakravarti (emperor). भविष्यकालीन चौथे चक्रवर्ती का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयार्धगिरि – Vijayaardha Giri.: A great & beautiful silvery mountain in the middle of Bharat Kshetra (region). भरतक्षेत्र के मध्य स्थित एक रमणीक पर्वत ,यह 25 योजन ऊँचा ,50 योजन चौड़ा और सवा छः योजन गहरा चांदी के सामान है “जम्बूद्वीप में विदेह क्षेत्र सम्बन्धी 32 तथा भरत –ऐरावत क्षेत्र का एक – एक…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंजूषा : Main city of Manglavart country of east Videh region Box. पूर्व विदेह के मंगला व्रत देश की प्रधान नगरी, पेटी “
गजकुमार The son of Vasudeva and younger brother of krishna. अनंतकृत केवली वसुदेव का पुत्र, कृष्ण का अनुज, विरक्त होने पर जिसके ससुर सोमशर्मा ने क्रोध्हग्नी के कारन सर पर जलती हुई सिगडी रखी थी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्ध पारिणामिक भाव – Shuddha Paarinaamika Bhaava. Eternal nature of a matter. अनादिकालीन पारिणामिक स्वभाव; उसका व्यय और उदय नहिन होता किन्तु वह स्थिर रहता है जिसे ध्रौव्य कहते है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंगरस:A kannad poet who wrote ‘Nemi Jineshwar Sangati’ etc. books. नेमि जिनेश्वर संगति और सम्यक्त्व कौमुदी के रचियता एक कन्नड़ कवि “