परमावगाढ़ सम्यग्दर्शन!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमावगाढ़ सम्यग्दर्शन:Right perception with deep predilection.केवलज्ञान परमात्मा के जो निर्मल क्षयिक सम्यक्त्व होता है अथवा केवलज्ञान के द्वारा देखे गये पदार्थे के विषय मेें जो उत्कृष्ट रूचि होती है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमावगाढ़ सम्यग्दर्शन:Right perception with deep predilection.केवलज्ञान परमात्मा के जो निर्मल क्षयिक सम्यक्त्व होता है अथवा केवलज्ञान के द्वारा देखे गये पदार्थे के विषय मेें जो उत्कृष्ट रूचि होती है।
उपरितन स्थिति Position of upper specific karmic aggregation. ऊपर की स्थिति संबंधी निशेकों की उपरितन स्थिति कहते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधन हेतु – Saadhana Hetu. Means, resources. देखे – साधन । स्वपक्ष की सिद्धि के लिए प्रयुक्त हुआ हेतु ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशदावग्रह – Vshadavagraha. Decisive right apprehension. जो अवग्रह निर्णयरूप होता है उसे विशद अवग्रह कहते है “
उपरिमग्रैवेयक An upper most spatial region of a Graiveyaks. 9 गैवेयक में ऊपर के 3 सुमनस, सोमनस, प्रीतिंकर विमान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सातिप्रयोग – Saatiprayoga. A type of illusion, wrong practices of telling lie for money, embezzlement etc. माया के 5 भेदो मे एक भेद, धन के विषय मे असत्य बोलना, किसी की धरोहर का कुछ भाग हरण कर लेना, दूषण लगाना अथवा झूठी प्रषंसा करना सातिप्रयोग माया है।
उभय प्रायश्चित Bilateral repentance (to repent and become free from the same) . अपने अपराध की गुरु के सामने आलोचना करके गुरु की साक्षीपूर्वक अपराध से निवृत्त होना (धवला से)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपपत्ति Evolution, Origination, Demonstration. आविर्भाव कारण हेतु प्राप्ति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सागार धर्मामृत – Saagaara Dharmaamrita. Name of a book written by Pandit Ashadhar. पं. आशाधर (ई. 1173-1243) द्वारा रचित संस्कृत श्लोकबद्व श्रावकाचार विषयक ग्रंथ । इसमे 8 अध्याय और 477 श्लोक है।
उपकल्कि Rebellious kings who act against religion. अवसर्पिणी के पंचम काल में प्रत्येक एक हजार वर्ष के बाद एक-एक कल्की तथा 500 वर्ष के बाद एक-एक उपकल्की जन्म लेता है ये धर्मद्रोही राजा होते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]