योनि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योनि – जीवो का उत्पन्न होने का स्थान। Yoni- Birth place
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचन- श्रुतज्ञान का अपरनाम, जिनवाणी, प्रकृश्ट वचन, पिषाच व्यंतरों का 14 वां भेद। Pravacana- sermons, preachings, exposition, a type of peripatetic deities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्न – हीरा, मोती आदि मणियों, चक्रवर्ती के यहां स्वयंमेव प्रकठ होने वाली उसके भोगोभोग की सामग्री, ये सात सजीव व 7 अजीव कुल 14 वस्तुएं होती है, इन्हें 14 रत्न भी कहा जाता है, रूचक पर्वत पर स्थित एक कूट Ratna- Jewels , 14 particular splendorous (of chakrvarti etc.) Name of a summit…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रथमोपषम सम्यग्दर्शन – देखें- प्रथमोपषम सम्यक्त्व। prathamopasama samyagdarsana- see (prathamopasama samyaktva)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यान – नाना प्रकार के भाण्डो से आपूरित होकर भी समुद्र में गमन करने में समर्थ जो जहाज होते है वे यान कहलाते है देवो का एक वाहन। Yana-Ship, Aircraft, A kind of conveyance of deities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रथम क्षण भावी- प्रथमतः उत्पन्न होने वाला। prathama ksana bhavi – rising at the first moment
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यशस्विनी–Yashasvini. Name of a female divinity of Ruchak mountain. रुचक पर्वत निवासिनी दिक्कुमारी देवी”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाद – आलस्यकसाय सहित अवस्था को प्रमाद कहते है ” कसाय के तीव्र उदय से आछे कार्यो को करने में आदर भाव का न होना ” चार विकथा , चकाषाय, पञ्च इन्द्रियां , एक इस्नेह और एक निद्रा ये 15 प्रमाद है ” Pramada- Laziness, Carelessness, Negligence, 15 types of certain activities leading to…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रतिवाक् – सत्यप्रवाद में वर्णित 12 प्रकार की भाशाओं में राग को उत्पन्न करने वाली एक भाशा Rativak-A type of language causing passion and attachment
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्येक बुद्ध- स्वर्ग बुद्ध; वैराग्य का कारण देखकर स्वयं वैराग्य धारण करने वाले मुनि। pratyeka buddha – one who is self enlightened or self attained.