बहुजन आलोचना!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुजन आलोचना- पाक्षिक, चातुर्मासिक एवं वार्शिक् दोशो की सब यति समुदाय द्वारा मिलकर आलोचना करना। Bahujana alocana- Criticism of faults in a group by saints
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुजन आलोचना- पाक्षिक, चातुर्मासिक एवं वार्शिक् दोशो की सब यति समुदाय द्वारा मिलकर आलोचना करना। Bahujana alocana- Criticism of faults in a group by saints
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विदेह – Videha. Salvated souls, free from birth & death cycle. देह रहित सिध्द भगवान विदेह कहलाते हैं ” अथवा देह में रहते हुए भी जो जन्म – मरण से रहित हैं ऐसे अर्हत भगवान विदेह हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलवान्- शक्तिशाली, सामथ्र्यवान; कर्म को भी बलवान् संज्ञा है। Balavan- Powerful, strong
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैदूर्यसागर द्वीप –VAiduryasagaraDvipa. Name of an island and an ocean of middle universe मध्यलोक के सागर और द्वीप का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बालचारित्र- आत्म स्वभावसे विपरीत बहुत प्रकार के चारित्र को आचरना। Balacaritra- conduct of a wrong believer
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विष्कंभ –Viskambha. Diameter, Expansion. व्रत का व्यास, विस्तार, लम्बाई “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बन्ध सान्त- जि कर्म प्रकृतियों का बंणना आगे के लिए रुक गया है। Bandha Santa- binding of karmas with end
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रक्षेपक – Praksepaka. Projector; one who throws, A quantity related with Jainology. फेंकने या ऊछालने वाला, जघन्य पर्याय में जीवराशि अनंत का भाग देने पर जो राशि आये वह प्रक्षेपक है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावपुण्य – Bhava Punya. Auspicious thought- activity of soul. दान, पूजा षडावश्यकादि रूप जीव के शुभ परिणाम भावपुण्य हैं “
आत्मरक्ष Deities like body guards. वे देव जो अंगरक्षक के समान हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]