दीर्घतपस्वी!
दीर्घतपस्वी One deeply involved in austerity. ऊंची (बड़ी) तपस्या करने वाला।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दीर्घतपस्वी One deeply involved in austerity. ऊंची (बड़ी) तपस्या करने वाला।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ऐहिक फलानपेक्षा Quality of selfless donation. दाता का पहला गुण-दान देने पर लौकिक फल की इच्छा न करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगत्याग क्रिया – गर्भान्वय की एक क्रिया।केवलीसमुद्धात करके मन वचन काय रूप योगो को अत्यन्त निरोध कर अत्यन्त निष्चल दषा को प्राप्त होना इसमंे मुनि विहार करना छोडकर यागो का निरोध करते है। Yogatyagakriya-An auspicious activity of renouncing vibration in the soul points (caused by mind Speech & body)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा पर्याप्ति काल – Bhasha Paryaptikala. Period of vocal completion. भाषा पर्याप्ति पूर्ण होने पर जितने समय तक मन पर्याप्ति पूर्ण न हो तब तक भाषा पर्याप्ति काल कहलाता है “
उदीर्ण That have passed from fruitional operation (regarding Karmic matter). फलदान रूप से परिणत हुआ कर्म -पुद्गल स्कन्ध।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकांग One organ activity (reverence with bending the head only). नमस्कार का प्रकार (केवल सिर झुकाना एकांग नमस्कार है)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंग व्यभिचार – स्त्रीलिग के स्थान पर पुल्लिंग का कथन करना और पुल्लिंग के स्थान पर स्त्रीलिेग का कथन करना। Limga Vyabhicara-wrong interpretation of genders (i. e. masculine for feminine or vice versa)
एकादश अंगधर Jain Acharyas possessing knowledge of 11 Angas. 11 अंगधारी 5 आचार्य- नक्षत्र, यशपाल, पाण्डु, ध्रुवसेन, कंस।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुष्टिविधान व्रत–Mushtividhan Vrat. A particular kind of vow of worshiping the Lord Arihant. प्रतिवर्ष भादो, माघ व चैत्र मास में अर्थात तीनों सोलहकारण पर्वो में क्र. 1 से शु. 15 तक पुरे–पुरे महीने प्रतिदिन 1 मुष्टि प्रमाण शुभ द्रव्य भगवान् के चरणों में चढ़ाकर अभिषेक व चातुविशति जिन पूजन करना” साथ ही ॐ…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाली – Bali. Name of warrior ultimately who got salvation. किष्किन्धपुर के राजा सूर्यरज का पुत्र, जिसने राम व रावण युद्ध से विरत्क हो दीक्षा धारण की एवं अन्त में निवारण प्राप्त किया “