निष्प्रतीकार!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्प्रतीकार – Nishprateekaara. Unopposing. प्रतिकार रहितता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्प्रतीकार – Nishprateekaara. Unopposing. प्रतिकार रहितता “
तैतिल A country situated in Bharat kshetra (region). भरत क्षेत्र में स्थित एक देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वक्तव्य –Vaktavya : Speech, utterance , communique . कहे जाने या बोले जाते योग्य “प्रकथन योग्य “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्कांक्षित अनशन – Nishkaankshita Aanashana. An austerity of great fasting (leaving food-taking) up to the time of death being desire-lesss. अनसन का एक भेद; भक्त प्रत्याख्यान आदि अनेक प्रकार के मरणों में मरण पर्यत आहार का त्याग करते हुए आकांक्षा रहित बने रहना “
तेईस सिंह Twenty three lions-the 1st dream of Bharat Chakravarti (an emperor) out of 16 dreams. भरत चक्रवर्ती को आए 16 स्वपनों में प्रथम स्वपन । इसका फल है वीर के अतिरिक्त 23 तीर्थंकरों के समय दुष्ट नयों की उत्पत्ति का अभाव होगा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषेक – Nisheka. Specific aggregate of Karmic molecules. एक समय में जितनी कर्म वर्गणाएं उदय मे आकर झडती है उनक समूह “
तुल्य बल विरोध Having opposition equally. विरोध का एक प्रकार, ज्ञान को मान लेने पर सब पदार्थें का शून्यपना नहीं बन पाता है और सबका शून्यपना मान लेने पर स्वसंवेदन की सत्ता नहीं ठहरती है यह तुल्य बल विरोध है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषंग – Nishanga. A quiver a case for holding arrows. तरकस, सैन्य सामग्री का एक अंग “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावलिंग (साधु) – Bhavalinga (Sadhu). An absolute saint with perfect conduct. साधु का जैसा बाहर चारित्र है वैसा ही भाव होना ” प्रमत्त- अप्रमत्त गुणस्थान सम्बन्धी भाव होना ही भावलिंग है “