तत्वज्ञ!
तत्वज्ञ One possessing real and true knowledge. तत्वों का यथार्थ ज्ञाता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वज्ञ One possessing real and true knowledge. तत्वों का यथार्थ ज्ञाता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रचण्ड – Prachanda. Great force, Impetous, Violence, Vehemence. तीक्ष्ण, उग्र, उत्कट, भीषण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट्प्राभृत टीका – Satpraabhrita Teekaa. The Sanskrit commentary book on ‘Shatprabhrit’ treatise. कुन्दकुन्द आचार्य के षट्प्राभृत की आचार्य श्रुतसागर (ई. सन् 1487-1533) कृत संस्कृत टीका “
त्रिगर्त Sovereign of three Khands (divisions) of Bharat Kshetra etc. भरत क्षेत्र मध्य आर्य खण्ड का देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुकुंद– Mukund. Name of a mountain of Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरत क्षेत्र के आर्य खण्ड का एक पर्वत”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट् आवश्यक – Sat Aavashyaka. Six essential duties of Jaina saints. मुनियों के 6 आवश्यक कर्त्तव्य; सामायिक, वंदना, स्तुति,प्रतिक्रमण, स्वाध्याय और कार्योत्सर्ग “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाभिकीर्ति – Nabhikirti Name of a Bhattarak of Nandi group नंदी संघ के एक भट्टारक का नाम ”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == निक्षेप : == युक्ति—सुयुक्तमार्गे, यत् चतुर्भेदेन भवति खलु स्थापनम्। कार्ये सति नामादिषु, स निक्षेपो भवेत् समये।। —समणसुत्त : ७३७ युक्तिपूर्वक उपयुक्त मार्ग में प्रयोजनवश नाम, स्थापना, द्रव्य और भाव में पदार्थ की स्थापना को आगम में निक्षेप कहा गया है। द्रव्यं खलु भवति द्विविधं, आगमनोआगमाभ्याम् यथा भणितम्। अर्हत्—शास्त्रज्ञायक:…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्वेतपंचमी व्रत – Shvetapanchami Vrata. A particular & procedural vow (fasting). ऐसा व्रत जिसमे आषाढ, कार्तिक व फाल्गुन तीनों में से किसी भी मास में प्रारम्भ करके 65 महीनों तक प्रत्येक मास शुक्ल 5 का उपवास किया जाता है व त्रिकाल नमस्कार मंत्र का जाप किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागौर – Nagaura Name of a place एक स्थान जिसके नजदीक कही मण्डल गढ़ नगर में पं. आशाधर जी का जन्म लिखी ”