बुद्धिल!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धिल – Buddhila. Name of great Acharya possessing knowledge of 11 Angas & 10 Purvas. वीर निर्वाण के पश्चात् हुए १० पूर्व एंव ११ अंग धारी ११ मुनियों में ९ वें मुनि , अपरनाम बुद्धिलिंग था “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धिल – Buddhila. Name of great Acharya possessing knowledge of 11 Angas & 10 Purvas. वीर निर्वाण के पश्चात् हुए १० पूर्व एंव ११ अंग धारी ११ मुनियों में ९ वें मुनि , अपरनाम बुद्धिलिंग था “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशालप्रभ – Vishalaprabha. Name of the 10th Jaina – Lord of Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र के १० वें तीर्थकर का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचनगुप्ति – Vachangupti.: Controlling of the speech. गुप्ति के 3 भेदों में एक भेद; वचनों को वश में करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्पत्ति – Nishpatti. Origination, Completation, Certainty. जन्म, उत्पत्ति, समाप्ति, पूर्णता “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मैथुन संज्ञा– Maithun Sangya. Sex instinct. 4 संज्ञाओ में एक संज्ञा; मैथुनरूप क्रियाओ में होने वाली इच्छा”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वंशाल –Vanshaal : Name of a city of the northen Vijayardh mountain, Name of a system of super power. विजयार्ध पर्वत के उत्तर श्रेणी का एक नगर ,नमि विनमि विद्याधरों को प्राप्त आठ विद्या निकायों में छठा विद्या –निकाय “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रक – Bhadraka. A type of peripatetic deities, Worthy or gentle person. यक्ष जाती के व्यन्तर देवों का एक भेद , चतुर्थ काल के कोमल परिणामी परुष “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] व -Va : The 29th consonant of the Devanagari syllabary . देवनागरी वर्णमाला का उन्नीसवां व्यंजन ,इसका उच्चारण स्थान दन्त्य अथवा दन्त्यौष्ठ माना जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषादिनी – Nishaadinee. 5th type of music in all 8 kinds. संगीत की 8 जातियों में पांचवी जाति “
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष]] == कायक्लेश : == सुखेन भावितं ज्ञाने, दु:खे जाते विनश्यति। तस्मात् यथाबलं योगी, आत्मानं दु:खै: भावयेत्।। —समणसुत्त : ४५३ सुखपूर्वक प्राप्त किया हुआ ज्ञान दु:ख के आने पर नष्ट हो जाता है। अत: योगी को अपनी शक्ति के अनुसार दु:खों के द्वारा अर्थात् कायक्लेशपूर्वक आत्म-चिन्तन करना चाहिए।