दुर्जन!
दुर्जन A villain, scoundrel, Cruel. दुष्ट, दुराचारी व्यक्ति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुर्जन A villain, scoundrel, Cruel. दुष्ट, दुराचारी व्यक्ति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ्र – Shubhra. Name of a city of Bharat Kshetra (region). भरतक्षेत्र का एक नगर; इसे राजासूर्य ने बसाया था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तूप -Stuupa. A dome shaped structure ( a type of creation in the samavasharana, the assembly of Lord).समवषरण रचना का एक अंग। ये समवषरण की वीथियो के मध्यभाग मे बनाये जाते है। अर्हत और परमेष्ठियो की प्रतिमाये इनके चारो और स्थापित की जाती है।
चल Moving, Unsteady, Restless, A fault of right perception (pertaining to passions). जो कुछ काल तक स्थिर रहकर चलायमान हो जाता है . सम्यग्दर्शन के तीन दोषों में एक दोष ; जल कल्लोल की तरह नाना विषयों में चलायान रहना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दिव्यभूमि The assembly land of Lord Arihant. स्वाभाविक भूमि से एक हाथ ऊंची समवसरण की भूमि , इसके एक हाथ ऊपर कल्पभूमि होती है। हरिवंशपुराण के आधार से यह व्यवस्था मानी है तथा तिलोयपण्णत्ति में एक हाथ ऊपर से एक- एक हाथ ऊंची बीस हजार सीढि़यां मानी है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभा – Shubhaa. The capital city of Ramaniya country of Videh Kshetra(region). विदेह क्षेत्र के रमणीय देश की राजधानी “
दृष्टिनिर्विष ऋद्धि A type of supernatural power (making one cured by casting a glance of a saint). जिस ऋद्धि के प्रभाव से प्रसन्नचित्त साधु के द्वारा देखने मात्र से रोग व विष से पीडि़त जीव स्वस्थ और निर्विष हो जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ योग – Shubha Yoga. Auspicious & meritorious attitudes. मन वचन काय की शुभ या पुण्यरूप प्रवृत्ति ” अथवा योगों की विषयविरक्ति कषायनिग्रहरूप प्रवृत्ति “
दूर प्रकृष्टि Magnetic effect (as a quality), Power of attraction. दूर से खीचना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ काययोग – Shubha Kaayayoga. Bodily virtuous activities. पूजा भक्ति, व्रतादि रूप काय की चेष्टा “