गुणौध!
गुणौध Merits, virtues, One of the 1008 names of Lord Jinendra. गुणसमूह, भगवान जिनेन्द्र क्ले १००८ नामों में से एक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणौध Merits, virtues, One of the 1008 names of Lord Jinendra. गुणसमूह, भगवान जिनेन्द्र क्ले १००८ नामों में से एक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
घुटुक The son of Bhim, the Pandav. पांडव भीम और हिडिम्बा का पुत्र. युद्ध में यह अश्र्वत्थामा के द्वारा मारा गया था ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्रदेशी द्रव्य – Sapradeshee Dravya. Matters (5 dravyas except kal (time)Dravya) occupying space points. कालद्रव्य को छोड़कर शेष 5 द्र्रव्य सप्रदेषी है। कालद्रव्य अप्रदेषी है, क्योकि वह प्रदेषो के बंध या समूह से रहित है। अर्थात् कालद्रव्य के कालाणु भिन्न-भिन्न ही रहते है।
देवकृत अतिशय Fourteen excellences (extraordinary occurrences) of Lord Arihant (done by deities). तीर्थंकरों के 34 अतिशयों में से 14 अतिशय जो देवों द्वारा किये जाते हैं, जैसे- संख्यात योजनों तक वन असमय में ही पत्र, फूल और फलों की वृद्धि से संयुक्त हो जाते हैं, कंटक और रेती आदि को दूर करती हुई सुखदायक वायु…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्त पदार्थ – Sapta Padaartha. See- Sapta Tattva. सप्त तत्त्व ही सात पदार्थ कहलाते है। देखे- सप्त तत्त्व।
देवता Lord, Deities, Celestial beings. अर्हंत ; सिद्ध आदि भगवान अथवा स्वर्ग में रहने वाले देव। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धात्माभिमुख परिणाम – Shuddhaatmaabhimukha Parinaama. Results of attention and devotion towards pure soul. शुद्ध आत्मा की ओर उन्मुख परिणाम या स्वानुभवरूप भाव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सन्निपातिक भाव – Sannipaatika Bhaava. Assembling, collection, combining (reg. temperaments). मिलना, सम्मिश्रण, विविध संचय। एक ही गुणस्थान या जीवसमास मे जो बहुत से भाव आकर एकत्रित होते है, उन भावों की सन्निपातिक संज्ञा है।