आचारसार!
आचारसार A book written by ‘Acharya’ Veernandi . आचार्य वीरनंदि (वि.सं. 556)कृत मुनि आचरण ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आचारसार A book written by ‘Acharya’ Veernandi . आचार्य वीरनंदि (वि.सं. 556)कृत मुनि आचरण ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृष्टार्थ – Prakrstartha. Supreme sense, Ultimate meaning. उत्कृष्ट अर्थ “
एकविध अवग्रह Single way apprehension. एक प्रकार के अथवा एक जाति के, एक या अनेक पदार्थों को जानना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धिसागर – Buddhisagara. A title given to the 12th jewel of Chakravarti (em-peror). चक्रवर्ती के १२ वें रत्त्न (पुरोहित) को दी गई संज्ञा “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूपाल – Bhupala. Name of a king of Bharat Ksgetra (region). सुभौम चक्रवर्ती के तीसरे पूर्वभव का जीव जिसने युध्द में मानभंग होने से दीक्षा लेकर चक्रवर्ती पद का निदान किया था “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवाह क्रिया – Vivaha Kriya. An auspicious activity- marriage according to tradition. गर्भान्वय की ५३ क्रियाओं में १७ वीं क्रिया; सिध्द पूजन व तीन अप्रिय की विधिपूर्वक पूजन करते हुए, अगिन प्रदक्षिणा देते हुए परिवार व समाज की साक्षी में सजाति कुलीन कन्या का पाणिग्रहण करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव निक्षेप – Bhava Niksepa. Appropriate establishment of meaning for something. निक्षेप का एक भेद; वर्तमान पर्याय से युक्त द्रव्य ” जैसे- सेवा करने वाले को सेवक कहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिघोषा – Namdiguru Name of the writer of ‘Prayashchitta Samuchchaya Tika’ etc. नंदीश्वर द्वीप की पूर्व दिशा में स्थित एक वापी, रुचक पर्वत वासिनी दिक्कुमारी देवी ”
उपशम सम्यक्त्त्व Subsidential right belief, Subsidential serenity .दर्शन मोहनीय कर्म के उपशम से आत्मा में जो निर्मल श्रद्धान उत्पन्न होता है उसे उपशम सम्यक्त्त्व कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव अप्रतिक्रमण – Bhava Apratikramana. To have attachment with the past passionate volitions. अतीत काल में हुए रागादि भाव को वर्तमान में अच्छा जानना, उनका संस्कार एंव उनके प्रति ममत्व भाव रहना “