हंस संप्रदाय!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] हंस संप्रदाय – Hammsa Sammpradaaya. Name of a sect of Vaishnav philosophy. वैष्णव दर्शन के प्रधान 4 सम्प्रदायो मे एक सम्प्रदाय। यह संप्रदाय द्वैताद्वैत या भेदाभेदवादी है, इन्हें हरिव्यासी भी कहते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] हंस संप्रदाय – Hammsa Sammpradaaya. Name of a sect of Vaishnav philosophy. वैष्णव दर्शन के प्रधान 4 सम्प्रदायो मे एक सम्प्रदाय। यह संप्रदाय द्वैताद्वैत या भेदाभेदवादी है, इन्हें हरिव्यासी भी कहते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परद्रव्य रत:False belief of having possession of all destroyable matters including own body.जगत् में दर्शनमोहनीय कर्म के उदय से सम्पूर्ण पर पदार्थें, शरीर आदि को निज मानना ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वार्थाधिगम – Svaarthaadhigama. Self knowledgeable approach. अधिगम के दो भेदो मे एक भेद, यह ज्ञान स्वरुप है जो प्रमाण और नय भेदो वाला है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाद्य – Svadya. Worth tasting, appetizing. आहार के 4 भेदो मे एक भेद। मुख का स्वाद बदलने के लिए खाने वाले लौग, इलायची आदि पदार्थ स्वाद्य कहलाते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांसारिक दुःख – Saansaarika Duhkha. Worldly affictions or troubles. लौकिक विषयों से उत्पन्न दुःख अर्थात् भोगसाधनात्मक भोगो का वियोग होने से जो दुःख उत्पन्न होता है। संसारी जीवों का इन्द्रिय सुख वासना जनित होने के कारण होने के कारण दुःखमय ही है क्योंकि आपत्त्किाल मे भोग व रोग चित्त मे उद्वेग करने वाले है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरुद्धराज्यातिक्रम – Viruddha Rajyatikrama. The third infraction of the vow of non-stealing (unlawful trade). अचौर्याणुव्रत का तीसरा अतिचार, अपने राज्य की आज्ञा को न मानकर राज्य विरुध्द क्रय- विक्रय करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहायक कारण – Sahaayaka Kaarana. A helping cause. एक कारण । जो स्वयं कार्यरूप परिणाम वह उपादान कारण है तथा उसमें सहयक होने वाले पर द्रव्य व गुण निमित्त सहायक कारण है। इसे बलाधान या उदासीन निमित्त भी कहते है।
द्वितीय गुणहानि A decreasing series. प्रथम गुणहानि से जहां द्रव्य चय आदि का प्रमाण आधा पाया जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]