वणिक् कर्म!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वणिक् कर्म – Vanik Karma: Business activities. मन,वचन,काय तीनों के व्यापार में प्रवृत्ति होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वणिक् कर्म – Vanik Karma: Business activities. मन,वचन,काय तीनों के व्यापार में प्रवृत्ति होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैसर्प – Naisarpa. One of 9 treasures of Chakravarti (an emperor) to provide palace, temple etc. चक्रवर्ती की नव निधियों में एक निधि ” जो अनेक प्रकार के मंदिर या भवन निर्माण करती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयत – Sanyata. One with control & restraints, Another name of Digambar Jaina saint. महाव्रती श्रमण संयत कहलाता है ” संयत जीव छठे से चौदहवें गुणस्थान तक 9 गुणस्थानों में पाये जाते हैं ” दिगम्बर मुनि का अपरनाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशाखाभूति – Vishakhabhuti. The younger brother of king Vishvabhuti who became ultimately a heavenly deity. राजग्रह नगरी के राजा विश्वभुती का छोटा भाई, पिता के दीक्षा लेने पर स्वयं ने भी दीक्षा लि और मरकर स्वर्ग में देव, स्वर्ग से आकर विजय नामक बलभद्र हुआ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैमित्तिक – Naimittika. Causal knowledge, gained due to some special reason. किसी विशेष कारण या निमित्त से उत्पन्न कार्य या ज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संमूर्च्छन – Sammoorchchhana. Spontaneous birth (formation of body organs or limbs by surrounding matter). जो जीव स्त्री-पुरुष के संयोग के बिना ही वातावरण में बिखरे हुए परमाणुओं के योग से उत्पन्न होते हैं वे संमूर्च्छन कहलाते हैं ” सभी प्रकार के पेड़-पौधे, शेष एक इन्द्रिय तथा दो इन्द्रियादि कीड़े-मकोड़े आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रदंड –Vajradand The symbol of Lord Dharmanath. भगवान धर्मनाथ का चिन्ह “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिदत्त – Nemidatta. A celibate who wrote ‘Aradhana Kathkosh’ and many other books, the deciple of Bhattarak Mallibhushan. नंदिसंघ बलात्कारगण सूरत शाखा के एक भट्टारक मल्लिभूषण के शिष्य (समय- ई.श.16) ” एक ब्रह्मचारी-नेमिनाथ पुराण, आराधना कथाकोष, धन्यकुमार चरित्र, धर्मोंपदेशपीयूषवर्ष श्रावकाचार आदि के कर्ता “
देवेन्द्रकीर्ति Name of Bhattaraks (of Nandisangh etc.) नन्दिसंघ सूरत शाखा के आद्य भट्टारक (ई. 1393-1442). कथाकोष आदि के रचयिता सांगानेर के भट्टारक (वि. 1640-1662)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीतपरीषह – Sheetapareeshaha. Affliction of cold (to be endured by the saints). मुनियों के 22 परीषहों में एक परिषह, शीत वेदना को समतापूर्वक सहन करना शीत परीषहजय है “