प्रज्ञाश्रमण ऋद्धि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञाश्रमण ऋद्धि – Pragyaashramana Riddhi. A type of supematural power related to sagacity. जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधू विशेष अध्ययन के बिना भी समस्त शास्त्रों को सूक्ष्मतासे जानने में समर्थ होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञाश्रमण ऋद्धि – Pragyaashramana Riddhi. A type of supematural power related to sagacity. जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधू विशेष अध्ययन के बिना भी समस्त शास्त्रों को सूक्ष्मतासे जानने में समर्थ होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजंगदेव – Bhujangadeva. A type of peripatetic deities living at some up – per distance from the earth. महोरग जाति के व्यंतरों का एक भेद, लवण समुद्र के ऊपर आकाश में स्थित भुजंग नामक देवों की २८ हजार नगरियाँ हैं “
द्वीपायन A king of Kuru dynasty, by whose passionate anger Dwarika was burnt when he was in Muni stage. कुरूवंश के एक राजा , जो आगे चलकर एक मुनि हुए जिनके क्रोध से द्वारिका भस्म हुई। इनका अपरनाम – द्वैपायन मुनि भी है। विशेष कथा हरिवंशपुराण एंव पाण्डवपुराण में देखें ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोज्ञान- Manogyana. Wisdom , mental knowledge , intelligence , Telephatic knowledge. मन के निमित से उत्पन्न होने वाला ज्ञान ” मनःपर्यय ज्ञान “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्रश्रद्धा–Mishrashraddha. To have right & wrong reverence or devotion. एक ही समय में तत्त्व और अतत्त्व दोनों पदार्थो की श्रद्धा होना” अर्थात् सम्यक मिथियात्व रूप मिला हुआ श्रद्धान”
उदय त्रिभंगी Rising tricombination (reg. Karmas). उदय व्युंच्छित्ति उदय और अनुदय को उदय त्रिभंगी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भूषणांग जाति कल्प वृक्ष:A type of wish fulfilling tree (related to providing ornaments). 10 प्रकार के कल्प वृक्षों में एक वृक्ष का नाम; जोआभूषण प्रदान करतेहैं।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मीनकेतु–Meenketu. Another name for Kamdev those having most lustrous & attractive body. कामदेव”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == समानता : == म्रियतां वा जीवतु वा जीव:, अयताचारस्य निश्चित हिंसा। प्रयतस्य नास्ति बन्धो, हिंसामात्रेण समितिषु।। —समणसुत्त : ३८८ जीव मरे या जीये, अयतनाचारी को हिंसा का दोष अवश्य लगता है। किन्तु जो समितियों में प्रयत्नशील है, उससे बाह्य हिंसा हो जाने पर भी उसे कर्मबंध नहीं होता।…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मानस्तम्भ–Maanstambh. Free standing pillar or sacred monument pillar crowned with idols of Lord Jinendra. तीर्थंकरो के समवशरण में प्रवेश करने से पहले चारो दिशाओ में तीर्थंकर के शरीर की उचाई से 12 गुणे ऊचे जिनप्रतिमाओ से समन्वित स्वर्णिम स्तंभ के आकार की रचना” दूर से ही इनके दर्शन मात्र से मिथ्याद्रष्टि जीव अभिमान…